बॉलीवुड की उन चुनिंदा एक्ट्रेसेज में स्मिता पाटिल का नाम आज भी सम्मान से लिया जाता है, जिन्होंने समानांतर सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। 'मंथन', 'भूमिका', 'बाजार' जैसी कालजयी फिल्मों से नेशनल अवॉर्ड्स हासिल करने वाली स्मिता के करियर का एक ऐसा मोड़ आया, जब दो आर्ट फिल्मों से उन्हें अचानक बाहर कर दिया गया। गुस्से और मजबूरी में उन्होंने अमिताभ बच्चन के साथ सुपरहिट मसाला फिल्म 'नमक हलाल' साइन की, जो 30 अप्रैल 1982 को रिलीज हुई। ये फिल्म उस साल की तीसरी सबसे बड़ी हिट बनी, लेकिन स्मिता के लिए ये सफलता एक बोझ बन गई। एयरपोर्ट पर लोगों के 'नमक हलाल वाली' कहने से उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई।
