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‘The Kerala Story 2’ पर मचा बवाल, सीएम पिनाराई ने बताया जहर, हाईकोर्ट पहुंची याचिका

The Kerala Story 2 Controversy: फिल्ममेकर विपुल अमृतलाल शाह की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। जैसे ही इसका ट्रेलर सामने आया, राजनीतिक और सामाजिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।

Shradha Tulsyanअपडेटेड Feb 19, 2026 पर 8:54 PM
‘The Kerala Story 2’ पर मचा बवाल, सीएम पिनाराई ने बताया जहर, हाईकोर्ट पहुंची याचिका

बॉलीवुड की विवादास्पद फिल्म 'द केरल स्टोरी 2 - गोस बियॉन्ड' रिलीज से पहले ही राजनीतिक और कानूनी तूफान खड़ा कर चुकी है। केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे "झूठी प्रोपगैंडा" और "विषैली रचना" करार देते हुए राज्य की धर्मनिरपेक्ष परंपरा पर हमला बताया। फिल्म के ट्रेलर पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि ये राज्य को बदनाम करने की साजिश है, जो सामाजिक सद्भाव को तोड़ने का प्रयास कर रही है।

ट्रेलर 17 फरवरी को रिलीज हुआ, जिसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों की लड़कियों को धोखे से धर्मांतरण का शिकार दिखाया गया। लेकिन टाइटल "केरल स्टोरी 2" रखकर पूरी जिम्मेदारी केरल पर डाल दी गई। अंत में "अब सहेंगे नहीं, लड़ेंगे" का नारा देकर हिंसा भड़काने का आरोप लगा। सीएम ने पहली फिल्म को भी झूठ का पुलिंदा कहा, जो सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची थी। अब सीक्वल पर भी वही विवाद। निर्देशक कमख्या नारायण सिंह और प्रोड्यूसर विपुल शाह ने CBFC से UA सर्टिफिकेट ले लिया, लेकिन केरल हाईकोर्ट में याचिका दायर हो गई।

कन्नूर के श्रीदेव नाम्बूदिरी की PIL में मांग है कि सर्टिफिकेशन रद्द हो और रिलीज पर रोक लगे। याचिकाकर्ता का तर्क है कि ट्रेलर सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता के खिलाफ है। सिनेमेटोग्राफ एक्ट की धारा 5B का हवाला देते हुए बोर्ड पर लापरवाही का इल्जाम लगाया। कोर्ट ने प्रोड्यूसर्स और CBFC को नोटिस जारी कर 24 फरवरी को सुनवाई तय की। याचिका में टाइटल बदलने, डिस्क्लेमर जोड़ने की मांग है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19, 21 का उल्लंघन होने का दावा किया गया।

सपा नेता अबू आसिम आजमी ने भी फिल्म पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘द केरला स्टोरी 2’ संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और यह देश की एकता को कमजोर करने वाली कोशिश है। आजमी ने याद दिलाया कि भारत का लोकतंत्र और संविधान सभी धर्मों और समुदायों को बराबरी का अधिकार देता है, ऐसे में किसी भी कला या फिल्म को नफरत फैलाने का माध्यम नहीं बनना चाहिए।

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