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Health Tips For Chhath: 36 घंटे का निर्जल व्रत करने वालों के काम आएंगे ये टिप्स, गर्भवती महिलाएं व्रत में जरूर करें ये काम

Health Tips For Chhath: छठ पूजा का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। लेकिन 36 घंटे का निर्जला व्रत करने के बाद अक्सर व्रतियों की तबीयत बिगड़ जाती है। वहीं, गर्भवती महिलाओं के लिए ये व्रत करना मुश्किल होता है। ऐसे में कुछ हेल्थ टिप्स आपकी सेहत की देखभाल में मदद कर सकते हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 24, 2025 पर 11:46 AM
Health Tips For Chhath: 36 घंटे का निर्जल व्रत करने वालों के काम आएंगे ये टिप्स, गर्भवती महिलाएं व्रत में जरूर करें ये काम
इस व्रत को करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

Health Tips For Chhath: छठ पूजा का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। चार दिनों के इस पर्व की शुरुआज कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से होती है और इसका समापन सप्तमी तिथि को होता है। इस दौरान व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करते हैं, जिसकी वजह से इसे हिंदू धर्म के सबसे कठिन व्रतों में से एक माना जाता है। इस व्रत को करने के दौरान या उसके बाद कई लोगों की तबीयत बिगड़ जाती है। इसलिए इस व्रत को करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। गर्भवती महिलाओं के लिए व्रत करते समय अपनी सेहत का सबसे पहले ध्यान रखना जरूरी है। इसके लिए यहां स्वास्थ्य विशेषज्ञ के बताए कुछ टिप्स आपकी मदद कर सकते हैं। आइए जानें इन्हें

गर्भावस्था में इस तरह करें छठ पूजा

गर्भवती महिलाओं को निर्जला व्रत करने से बचना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान इन्हें डॉक्टर की सलाह से फलाहार या नारियल, पानी, दूध, साबूदाना जैसा हल्का आहार लेना चाहिए। छठ पूजा में अर्घ्य देते समय बहुत देर तक खड़े रहने से भी परहेज करना चाहिए। पूजा की तैयारी में परिवार के सदस्यों से मदद ले सकती हैं। व्रत समाप्त होने के बाद नारियल पानी या नींबू पानी का सेवन करें ताकि शरीर में ऊर्जा की कमी न हो। छठ पूजा में गर्भवती महिलाओं को चाहिए कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और आवश्यक सावधानियां जरूर बरतें।

छठ पूजा के बाद व्रती न करें ये गलती

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