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अब खत्म होगा इंडिगो-एयर इंडिया का 'एकछत्र राज', सरकार ने दो नई एयरलाइन्स को दी हरी झंडी; अब सस्ता होगा सफर!

Indigo Crisis: हाल ही में जब इंडिगो ने क्रू-रोस्टरिंग के नए नियम लागू किए, तो पूरे देश में सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गईं और हजारों यात्री फंस गए। इस घटना ने सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर एक ही एयरलाइन पर इतना बोझ रहेगा, तो पूरा सिस्टम कभी भी ठप हो सकता है

Curated By: Abhishek Guptaअपडेटेड Dec 24, 2025 पर 5:33 PM
अब खत्म होगा इंडिगो-एयर इंडिया का 'एकछत्र राज', सरकार ने दो नई एयरलाइन्स को दी हरी झंडी; अब सस्ता होगा सफर!
भारतीय विमानन बाजार में फिलहाल इंडिगो के पास 60% और टाटा की एयर इंडिया के पास 25% हिस्सेदारी है

IndiGo Crisis: पिछले दिनों इंडिगो के फ्लाइट ऑपरेशन संकट के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बाजार में कॉम्पिटिशन बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाते हुए दो नए आवेदको 'अल हिंद एयर' (Al Hind Air) और 'फ्लाई एक्सप्रेस' (FlyExpress) को 'नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) दे दिया है। मंत्री राम मोहन नायडू के इस फैसले का सीधा मकसद एयरलाइन सेक्टर में चल रही दो बड़ी कंपनियों (इंडिगो और एयर इंडिया) की दादागिरी को कम करना और यात्रियों को बेहतर ऑप्शन उपलब्ध कराना है।

इंडिगो संकट से मिली सीख

भारतीय विमानन बाजार इस समय एक ऐसी स्थिति में है जहां इंडिगो के पास 60% और टाटा की एयर इंडिया के पास 25% हिस्सेदारी है। यानी लगभग 90% मार्केट सिर्फ दो हाथों में है। हाल ही में जब इंडिगो ने क्रू-रोस्टरिंग के नए नियम लागू किए, तो पूरे देश में सैकड़ों उड़ानें रद्द हो गईं और हजारों यात्री फंस गए। इस घटना ने सरकार को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि अगर एक ही एयरलाइन पर इतना बोझ रहेगा, तो पूरा सिस्टम कभी भी ठप हो सकता है। इसी 'एकाधिकार' को तोड़ने के लिए नए खिलाड़ियों को मैदान में उतारा जा रहा है।

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