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Dhurandhar CM vs Lyari Raj: 'धुरंधर CM' या अखिलेश का 'ल्यारी राज...'; 'यूपी में छिड़ा पोस्टर वार, कई जिलों में लगे होर्डिंग्स

Dhurandhar CM vs Lyari Raj: बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगाए गए हैं। 2027 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले इन पोस्टरों ने यूपी में एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। ये होर्डिंग व्यस्त चौराहों पर, रेलवे स्टेशनों के पास और यहां तक कि लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास के पास भी लगाए गए हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 08, 2026 पर 1:22 PM
Dhurandhar CM vs Lyari Raj: 'धुरंधर CM' या अखिलेश का 'ल्यारी राज...'; 'यूपी में छिड़ा पोस्टर वार, कई जिलों में लगे होर्डिंग्स
Dhurandhar CM vs Lyari Raj: अखिलेश यादव के खिलाफ बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं

Dhurandhar CM vs Lyari Raj: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले लखनऊ और अमेठी में कई जगहों पर समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव को निशाना बनाते हुए बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' से प्रेरित पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। इस पोस्टर वार से एक राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक कथित संगठन द्वारा सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के खिलाफ अमेठी रेलवे स्टेशन परिसर सहित विभिन्न चौराहों पर होर्डिंग और पोस्टर लगाए गए हैं।

इन पोस्टरों में लिखा है ''आप को क्या चाहिए? 'धुरंधर CM' या अखिलेश का ल्यारी राज...।'' यहां 'ल्यारी' का संदर्भ पाकिस्तान के कराची शहर के उस इलाके से जोड़ा गया है जो कभी गैंगवार और हिंसा के लिए कुख्यात रहा है। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'धुरंधर' में भी इस इलाके का उल्लेख किया गया है।

होर्डिंग में एक ओर अखिलेश यादव के मुख्यमंत्रित्व काल में हुई कथित हिंसा और दंगों का जिक्र किया गया है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शासनकाल में माफिया और अपराधियों पर हुई कार्रवाई का विवरण दिया गया है। होर्डिंग पर 'यूथ अगेंस्ट माफिया' नामक संगठन का नाम भी प्रमुखता से दर्ज है। साथ ही संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष, महामंत्री और प्रतापगढ़ प्रभारी के नाम एवं फोटो भी लगाए गए हैं।

इस बीच, सपा ने ऐसे पोस्टर लगाए जाने की निंदा की है। सपा के जिला प्रवक्ता और वकील राजेश मिश्रा ने कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार की हताशा और निराशा का प्रमाण है। उन्होंने कहा, "दीपक बुझने से पहले कई रूपों में नजर आता है। भारतीय जनता पार्टी का दीपक बुझने वाला है। BJP की सरकार को इस बात का एहसास हो चुका है कि अब उनकी वापसी नहीं होने वाली है इसलिए उनके वह तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। जनता सब समझती है।"

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