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Export Outlook 2026: अगले साल डायवर्सिफिकेशन और एफटीए पर निर्भर करेगी एक्सपोर्ट ग्रोथ

अगले वित्त वर्ष में आउटबाउंड शिपमेंट की ग्रोथ 4.1 फीसदी रहने की उम्मीद है, जबकि इंपोर्ट की ग्रोथ 5.6 फीसदी रह सकती है। एक्सपोर्ट में मामूली इजाफा होने की उम्मीद है। इस वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान इंडिया का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स 292 अरब डॉलर रह सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 26, 2025 पर 7:01 PM
Export Outlook 2026: अगले साल डायवर्सिफिकेशन और एफटीए पर निर्भर करेगी एक्सपोर्ट ग्रोथ
इस साल मई और नवंबर के बीच अमेरिका को एक्सपोर्ट्स करीब 21 फीसदी घटा है। इसकी वजह अमेरिका का 50 फीसदी टैरिफ है।

साल 2026 में इंडिया का ट्रेड आउटलुक मिलाजुला दिखता है। एक तरफ मार्केट डायवर्सिफिकेशन के शुरुआती संकेत दिखे हैं तो दूसरी तरफ एक्सपोर्ट ग्रोथ के मुकाबले इंपोर्ट ग्रोथ ज्यादा रहने की उम्मीद है। इसमें ग्लोबल चुनौतियों का हाथ होगा। 2025-26 में मर्चेंडाइज इंपोर्ट ग्रोथ के एक्सपोर्ट के मुकाबले पांच गुना से ज्यादा रहने का अनुमान है। यह अनुमान सर्वे ऑफ प्रोफेशनल फोरकास्टर्स ऑन मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर आधारित है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में इसे रिलीज किया था।

अगले वित्त वर्ष  एक्सपोर्ट थोड़ा बढ़ सकता है

इंपोर्ट और एक्सपोर्ट की ग्रोथ के बीच का फर्क 2026-27 में कम होने की संभावना है। अगले वित्त वर्ष में आउटबाउंड शिपमेंट की ग्रोथ 4.1 फीसदी रहने की उम्मीद है, जबकि इंपोर्ट की ग्रोथ 5.6 फीसदी रह सकती है। एक्सपोर्ट में मामूली इजाफा होने की उम्मीद है। इस वित्त वर्ष में अप्रैल-नवंबर के दौरान इंडिया का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट्स 292 अरब डॉलर रह सकता है। यह एक साल पहले की समान अवधि के 284.6 अरब डॉलर से ज्यादा है। यह करीब 2.6 फीसदी की ग्रोथ है। सिर्फ नवंबर में 38.13 अरब डॉलर का इजाफा हुआ।

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