साल 2026 में इंडिया का ट्रेड आउटलुक मिलाजुला दिखता है। एक तरफ मार्केट डायवर्सिफिकेशन के शुरुआती संकेत दिखे हैं तो दूसरी तरफ एक्सपोर्ट ग्रोथ के मुकाबले इंपोर्ट ग्रोथ ज्यादा रहने की उम्मीद है। इसमें ग्लोबल चुनौतियों का हाथ होगा। 2025-26 में मर्चेंडाइज इंपोर्ट ग्रोथ के एक्सपोर्ट के मुकाबले पांच गुना से ज्यादा रहने का अनुमान है। यह अनुमान सर्वे ऑफ प्रोफेशनल फोरकास्टर्स ऑन मैक्रोइकोनॉमिक इंडिकेटर्स पर आधारित है। आरबीआई ने इस महीने की शुरुआत में इसे रिलीज किया था।
