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Aggregator Licence Rules: हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, NCR में कैब एग्रीगेटर्स के लिए पेट्रोल-डीजल वाहन बैन

Aggregator Licence Rules: हरियाणा कैबिनेट ने NCR में एग्रीगेटर कंपनियों के लिए नए नियम मंजूर किए हैं, जिनमें केवल CNG और इलेक्ट्रिक वाहन अनिवार्य होंगे। साथ ही सुरक्षा, बीमा, डिजिटल ट्रैकिंग और लाइसेंसिंग के सख्त प्रावधान लागू किए जाएंगे ताकि प्रदूषण कम हो और स्वच्छ परिवहन बढ़े।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड May 19, 2026 पर 1:50 PM
Aggregator Licence Rules: हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, NCR में कैब एग्रीगेटर्स के लिए पेट्रोल-डीजल वाहन बैन
हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला, NCR में कैब एग्रीगेटर्स के लिए पेट्रोल-डीजल वाहन बैन

Aggregator Licence Rules: हरियाणा कैबिनेट ने सोमवार को एग्रीगेटर लाइसेंस देने के नियमों को मंजूरी दे दी। इसके तहत NCR क्षेत्र में काम करने वाले सभी एग्रीगेटर, डिलीवरी सर्विस और ई-कॉमर्स कंपनियों के बेड़े में शामिल किए जाने वाले सभी वाहन अब अनिवार्य रूप से CNG, इलेक्ट्रिक (EV), बैटरी से चलने वाले वाहन (BOV) या किसी अन्य स्वच्छ ईंधन पर आधारित होंगे। इसके अलावा, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में मौजूदा बेड़े में केवल CNG या इलेक्ट्रिक 3- व्हीलर ऑटो-रिक्शा को ही शामिल करने की अनुमति होगी।

हरियाणा कैबिनेट की सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में हरियाणा मोटर वाहन नियम, 1993 के तहत एग्रीगेटर लाइसेंस देने के नियमों को मंजूरी दी गई। यह फैसला सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के आदेशों के अनुसार लिया गया है।

पेट्रोल या डीजल वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं

बता दें कि CAQM ने पिछले साल जून में निर्देश दिया था कि 1 जनवरी, 2026 से दिल्ली-एनसीआर में कार्यरत कैब एग्रीगेटर्स, डिलीवरी कंपनियों और ई-कॉमर्स फर्मों के बेड़े में किसी भी नए पेट्रोल या डीजल से चलने वाले वाहनों को शामिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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