Get App

भारत ने ओमान के साथ व्यापार समझौते से डेयरी और कृषि प्रोडक्ट समेत सोने को रखा बाहर

इस व्यापार सौदे में भारत अपनी 78% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी घटाएगा, जो ओमान से आने वाले 95% आयात को कवर करेगा। संवेदनशील प्रोडक्ट को खासतौर से टैरिफ-रेट कोटा से एंट्री मिलेगी। वहीं, भारत को ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी एक्सेस मिलेगा, जो 99% भारतीय निर्यात को फायदा देगा

Shubham Sharmaअपडेटेड Dec 18, 2025 पर 8:21 PM
भारत ने ओमान के साथ व्यापार समझौते से डेयरी और कृषि प्रोडक्ट समेत सोने को रखा बाहर
भारत ने ओमान के साथ व्यापार समझौते से डेयरी और कृषि प्रोडक्ट समेत सोना को रखा बाहर

भारत ने अपनी पुरानी नीति के मुताबिक, ओमान के साथ हुए व्यापार समझौते में संवेदनशील सेक्टर को छूट से बाहर रखा है, खासकर डेयरी और मुख्य कृषि प्रोडक्ट को, ताकि देश के हित सुरक्षित रहें। वाणिज्य मंत्रालय ने 18 दिसंबर को बयान में कहा, "अपने हित बचाने के लिए भारत ने कई संवेदनशील उत्पादों को छूट की लिस्ट से बाहर रखा है। इनमें कृषि उत्पाद जैसे डेयरी, चाय, कॉफी, रबर, तंबाकू; सोना-चांदी के बुलियन, जेवरात; जूते, खेल सामान जैसे लेबर से जुड़े प्रोडक्ट और कई बेस मेटल्स का स्क्रैप शामिल हैं।"

ओमान-भारत ट्रेड डील की बड़ी बातें

इस व्यापार सौदे में भारत अपनी 78% टैरिफ लाइनों पर ड्यूटी घटाएगा, जो ओमान से आने वाले 95% आयात को कवर करेगा। संवेदनशील प्रोडक्ट को खासतौर से टैरिफ-रेट कोटा से एंट्री मिलेगी। वहीं, भारत को ओमान की 98% टैरिफ लाइनों पर जीरो ड्यूटी एक्सेस मिलेगा, जो 99% भारतीय निर्यात को फायदा देगा।

दोनों देशों ने 18 दिसंबर को व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) पर हस्ताक्षर किए। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खाड़ी देश दौरे का दूसरा दिन था। बातचीत नवंबर 2023 में शुरू हुई और अगस्त 2025 में खत्म हुई।

ओमान-भारत के बीच कितना व्यापार?

2024-25 में भारत-ओमान व्यापार 10.61 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल से 18.6% बढ़ा। भारत ने 6.55 अरब डॉलर का आयात किया, जबकि निर्यात 4.07 अरब डॉलर रहा, जिससे 2.48 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें