आईएमएफ से आर्थिक मदद की डील पर हस्ताक्षर की स्याही अभी सूखी भी नहीं थी कि पाकिस्तान ने अपना असली चेहरा दिखा दिया। 9-10 मई की दरमियानी रात उसने इंडिया पर मिसाइलें दागनी शुरू कर दी। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार उसने बैलेस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया। पहले के दो-तीन दिनों में उसने हमलों के लिए ज्यादातर ड्रोन का इस्तेमाल किया था। इंडिया में सरकार के सीनियर अधिकारी ने कहा कि यह संयोग नहीं है। दरअसल, पाकिस्तान को जब कभी आईएमएफ और ऐसी संस्थाओं से आर्थिक मदद मिलती है तो उसकी सेना का कॉन्फिडेंस बढ़ जाता है। वह ज्यादा ताकत से भारत के खिलाफ प्रत्यक्ष और परोक्ष हमलों में लग जाता है।
