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RK Misra: शब्दों के जादूगर थे मिश्रा जी, अपने को 'वर्डस्मिथ' कहना पसंद था!

RK Misra: मशहूर पत्रकार आर के मिश्रा नहीं रहे। आज सुबह उनका अहमदाबाद में निधन हो गया। साढ़े पांच दशक की पत्रकारिता के दौरान मिश्रा जी ने न सिर्फ अपनी धाकड़ रिपोर्टिंग और बेहतरीन लेखों के जरिये अपनी पहचान बनाई। बल्कि किस्सागोई के अनूठे अंदाज से भी

Brajesh Kumar Singhअपडेटेड Feb 23, 2026 पर 1:31 PM
RK Misra: शब्दों के जादूगर थे मिश्रा जी, अपने को 'वर्डस्मिथ' कहना पसंद था!
मशहूर पत्रकार आर के मिश्रा का अहमदाबाद में निधन हो गया है

आज सुबह नींद खुली तो आदत के मुताबिक व्हाट्सएप मैसेज चेक करने लगा। करीब दो दर्जन संदेशों के बीच इमरान का भी छोटा सा संदेश पड़ा था। दुखद सूचना, मिश्रा सर का आज तड़के निधन हो गया। मिश्रा सर, यानी आर के मिश्रा...। गुजरात को पिछले छह दशक से अपनी कर्मभूमि बनाने वाले धाकड़ पत्रकार, जिनकी रिपोर्टिंग और लेखों की जितनी चर्चा होती थी। उतनी ही उनकी लेखनी की। शानदार अंग्रेजी की...।

गुजरात में पत्रकार, जहां एक-दूसरे की खिंचाई में लगे रहते हैं, मिश्रा जी को नेशनल सीबीडी (चड्ढी बनियानधारी) का अगुआ कहा जाता था। लेकिन इसके उलट पहनावे से लेकर बातचीत के अंदाज तक, हमेशा कोई सैन्य अधिकारी होने का अहसास कराते थे मिश्रा जी। आर के मिश्रा के चाहने वाले या तो उन्हें 'मिश्रा जी' कहते थे या फिर 'मिश्रा सर'।

'मिश्रा सर' से मेरी पहली और आखिरी मुलाकात

मैं 'मिश्रा सर' कहने वालों की पंक्ति में था, क्योंकि एक तो पत्रकारिता के प्रोफेशन में मुझसे तीन दशक सीनियर थे। साथ ही श्रद्धा का भाव भी था उनके प्रति। मिश्रा जी के साथ मेरी पहली मुलाकात 1999 में हुई थी, जब मैं गुजरात गया था पहली बार। करीब डेढ़ दशक तक वहां लगातार रहने और उसके बाद दिल्ली एनसीआर शिफ्ट हो जाने के बावजूद रिश्ते वैसे ही सजीव बने रहे। वो कभी-कभार दिल्ली आते, तो मुझसे मिलते। मैं भी जब अहमदाबाद जाता, मिश्रा जी से मिलता।

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