Shahid Diwas: पश्चिम बंगाल की राजनीति में दशकों पुराने और बेहद संवेदनशील मुद्दों को लेकर एक बड़ा सियासी तूफान खड़ा हो गया है। राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल और अतीत से जुड़ी कई राजनीतिक रूप से संवेदनशील फाइलों और मामलों को फिर से पटल पर ला दिया है। सरकार का दावा है कि ये कदम जवाबदेही तय करने के लिए उठाए जा रहे हैं जबकि टीएमसी ने इसे राजनीतिक बदला करार दिया है। इसी कड़ी में सबसे बड़ा फैसला 21 जुलाई 1993 की पुलिस फायरिंग से जुड़े जस्टिस सुशांत कुमार चटर्जी आयोग की रिपोर्ट को विधानसभा में पेश करना है।
