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Social Media Rules: 'कार्रवाई करें, नहीं तो...'; अब अश्लील कंटेंट पोस्ट करने वालों की खैर नहीं, केंद्र ने सोशल मीडिया कंपनियों को दी चेतावनी

Social Media Rules: केंद्र सरकार ने अश्लील कंटेंट पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन कंपनियों को चेतावनी दी है। केंद्र ने कहा है कि अगर वे अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों के यौन शोषण से जुड़े और अन्य तरह के गैर-कानूनी कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 30, 2025 पर 9:55 PM
Social Media Rules: 'कार्रवाई करें, नहीं तो...'; अब अश्लील कंटेंट पोस्ट करने वालों की खैर नहीं, केंद्र ने सोशल मीडिया कंपनियों को दी चेतावनी
Social Media News: सोशल मीडिया पर अश्लील कंटेंट डालते हैं तो अब सावधान हो जाएं

Social Media Rules: केंद्र सरकार की तरफ से अश्लील कंटेंट पोस्ट को लेकर सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, खासकर सोशल मीडिया कंपनियों को आगाह किया गया है। केंद्र ने कहा है कि यदि वे अश्लील, अभद्र, पोर्नोग्राफिक, बाल यौन शोषण से जुड़ी और अन्य प्रकार की गैरकानूनी कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई करने में विफल रहते हैं तो उन्हें कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ेगा। 29 दिसंबर, 2025 को जारी एक एडवाइजरी में इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय (MeitY) ने सोशल मीडिया कंपनियों से अपने कंप्लायंस फ्रेमवर्क की तत्काल समीक्षा करने और प्लेटफॉर्म पर अश्लील एवं गैरकानूनी कंटेट के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

साथ ही केंद्र ने कहा कि ऐसा करने में विफल रहने पर उन्हें देश के कानून के तहत मुकदमे का सामना करना पड़ सकता है। एडवाइजरी में कहा गया, "सोशल मीडिया इंटरमीडियरी सहित इंटरमीडियरी को याद दिलाया जाता है कि वे IT एक्ट की धारा 79 के तहत वैधानिक रूप से बाध्य हैं... कि वे अपने प्लेटफॉर्म पर या उनके माध्यम से अपलोड, पब्लिश, होस्ट, शेयर या ट्रांसमिट की गई तीसरे पक्ष की जानकारी के संबंध में दायित्व से छूट प्राप्त करने की शर्त के रूप में उचित सावधानी बरतें।"

क्यों जारी किया गया एडवाइजरी

यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी किया गया है कि जब MeitY ने यह पाया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अश्लील, अभद्र, भद्दी, अनुचित और गैरकानूनी कंटेट पर सख्ती से कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। एडवाइजरी में दोहराया गया गा कि इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट और/या इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी रूल्स, 2021 के प्रावधानों का पालन नहीं करने पर इंटरमीडियरी, प्लेटफॉर्म और उनके यूजर्स के खिलाफ आईटी एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अन्य लागू आपराधिक कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

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