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“शरीर पर मांस तक नहीं बचा”, एक बंद घर, एक लाश और भूख से जूझती 27 साल की लड़की

अमर ने आरोप लगाया कि इस दंपति ने पूरा घर कब्जा लिया। पिता-बेटी को नीचे के कमरों में कैद कर दिया, खुद आराम से ऊपर रहते थे। जरूरी चीजें भी नहीं दीं। जब रिश्तेदार आते, तो नौकर बहाने बनाकर भगा देता कि ओमप्रकाश किसी से मिलना नहीं चाहते

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 29, 2025 पर 8:59 PM
“शरीर पर मांस तक नहीं बचा”, एक बंद घर, एक लाश और भूख से जूझती 27 साल की लड़की
एक बंद घर, एक लाश और भूख से जूझती 27 साल की लड़की

उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से एक भयानक घटना सामने आई है। यहां एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी और उनकी मानसिक रूप से कमजोर बेटी को 5 साल तक देखभाल करने वाले लोगों ने कैद करके पीटा। इससे कर्मचारी की मौत हो गई। ओमप्रकाश सिंह राठौर 70 साल के रिटायर्ड सीनियर रेलवे क्लर्क थे। उनकी 27 साल की बेटी रश्मि मानसिक रूप से कमजोर है।

2016 में ओमप्रकाश की पत्नी की मौत के बाद वे अलग घर में रहने लगे। ओमप्रकाश के भाई अमर सिंह ने बताया कि परिवार ने राम प्रकाश कुशवाहा और उनकी पत्नी रामदेवी को देखभाल के लिए रखा था।

अमर ने आरोप लगाया कि इस दंपति ने पूरा घर कब्जा लिया। पिता-बेटी को नीचे के कमरों में कैद कर दिया, खुद आराम से ऊपर रहते थे। जरूरी चीजें भी नहीं दीं। जब रिश्तेदार आते, तो नौकर बहाने बनाकर भगा देता कि ओमप्रकाश किसी से मिलना नहीं चाहते।

सोमवार को ओमप्रकाश की मौत की खबर मिली तो रिश्तेदार पहुंचे। वहां भयानक नजारा था। ओमप्रकाश का शरीर पूरी तरह सूख गया था। बेटी रश्मि को अंधेरे कमरे में नंगा पाया गया। रिश्तेदार ने कहा कि भूख से उसका शरीर 80 साल वाले जैसा हो गया था। "शरीर पर मांस नहीं बचा, सिर्फ हड्डियों का ढांचा बचा था, जो मुश्किल से जिंदा था," रिश्तेदार पुष्पा सिंह राठौर ने कहा।

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