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Veer Bal Diwas: 'साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई'; PM मोदी ने वीर बाल दिवस पर सिख शहीदों को किया याद

Veer Bal Diwas: देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 'वीर बाल दिवस' का दिन गहरी भावना और सम्मान का प्रतीक है। यह 10वें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और मुगल शासक औरंगजेब के बीच ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाता है। पीएम मोदी ने कहा कि चारों साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 26, 2025 पर 5:37 PM
Veer Bal Diwas: 'साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई'; PM मोदी ने वीर बाल दिवस पर सिख शहीदों को किया याद
Veer Bal Diwas: प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ‘वीर बाल दिवस’ श्री गुरु गोबिंद सिंह के पुत्रों के बलिदान को स्मरण करने का दिन है

Veer Bal Diwas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार (26 दिसंबर) को 'वीर बाल दिवस' के मौके पर श्री गुरु गोबिंद सिंह के साहिबजादों को श्रद्धांजलि दी। साथ ही क्रूरता और अत्याचार के सामने उनके साहस, बलिदान और अटूट विश्वास को याद किया। देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह दिन गहरी भावना और सम्मान का प्रतीक है। यह 10वें सिख गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी और मुगल शासक औरंगजेब के बीच ऐतिहासिक संघर्ष की याद दिलाता है। पीएम मोदी ने कहा कि चारों साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई।

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा, "वीर बाल दिवस का ये दिन, भावना और श्रद्धा से भरा दिन है। साहिबजादा अजीत सिंह जी, साहिबजादा जुझार सिंह जी, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी को छोटी-सी उम्र में उस समय की सबसे बड़ी सत्ता से टकराना पड़ा। वो लड़ाई भारत के मूल विचारों और मजहबी कट्टरता के बीच थी। वो लड़ाई सत्य बनाम असत्य की थी।"

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, "उस लड़ाई के एक ओर दशम गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी थे, तो दूसरी ओर क्रूर औरंगजेब की हुकूमत थी। हमारे साहिबजादे उस समय छोटे थे, लेकिन औरंगजेब को और उसकी क्रूरता को उससे कोई फर्क नहीं पड़ता था।"

PM मोदी ने कहा, "वो (औरंगजेब) जानता था कि अगर भारत के लोगों को डराकर उनका धर्मांतरण कराना है, तो उसे हिंदुस्तानियों का मनोबल तोड़ना होगा, और उसने साहिबजादों को निशाना बनाया। लेकिन औरंगजेब और उसके सिपहसालार भूल गए थे कि हमारे गुरु कोई साधारण मनुष्य नहीं थे, वो तो त्याग के साक्षात अवतार थे। वीर साहिबजादों को वही विरासत मिली थी। इसलिए चारों साहिबजादों को मुगलिया बादशाहत डिगा नहीं पाई।"

प्रधानमंत्री ने श्री गुरु गोबिंद सिंह की जयंती के अवसर पर 9 जनवरी 2022 को घोषणा की थी कि उनके पुत्रों साहिबजादे बाबा जोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की शहादत की याद में 26 दिसंबर को ‘वीर बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि इनका अद्वितीय बलिदान आज भी पीढ़ियों को प्रेरित करता है।

पीएम मोदी ने संबोधन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, "वीर बाल दिवस श्रद्धा का दिन है, जो वीर साहिबज़ादों के बलिदान को स्मरण करने के लिए समर्पित है। हम माता गुजरी जी की अडिग आस्था और श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की अमर शिक्षाओं को याद करते हैं।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह दिन साहस, दृढ़ संकल्प और धर्मनिष्ठा से जुड़ा हुआ है। साहिबजादों का जीवन तथा उनके आदर्श आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करते रहेंगे। वीर बाल दिवस के अवसर पर भारत सरकार देशभर में सहभागितापूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है।

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