अक्सर लोग परफ्यूम खरीदते समय एक आम गलती कर बैठते हैं—जो खुशबू पहली बार में अच्छी लगे, वही तुरंत खरीद लेते हैं। मॉल या दुकान में टेस्ट करते वक्त वह फ्रेगरेंस काफी आकर्षक लगती है, लेकिन घर पहुंचते-पहुंचते उसका असर बदल जाता है और मनचाहा अनुभव नहीं मिल पाता। इसका कारण यह है कि परफ्यूम केवल एक स्थिर खुशबू नहीं होता, बल्कि यह समय के साथ बदलने वाली एक परतदार प्रक्रिया है। शुरुआत में मिलने वाली महक सिर्फ उसका पहला हिस्सा होती है, जबकि असली खुशबू कुछ समय बाद खुलती है और धीरे-धीरे गहराई पकड़ती है।
