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One District One Cuisine: दुनिया के कोने-कोने तक फेमस है ललितपुर का मिल्क हलवा, जानिए बुंदेलखंड के इस शान की खास बातें और इसकी रेसिपी

One District One Cuisine: ललितपुर का मिल्क हलवा केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के इस जिले की मिठास और शुद्धता का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला, एक कुजीन' (One District One Cuisine - ODOC) योजना के तहत अब इस पारंपरिक स्वाद को वैश्विक पहचान मिल रही है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड May 10, 2026 पर 7:00 AM
One District One Cuisine: दुनिया के कोने-कोने तक फेमस है ललितपुर का मिल्क हलवा, जानिए बुंदेलखंड के इस शान की खास बातें और इसकी रेसिपी

ललितपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन खाने के शौकीनों के बीच यहां का 'मिल्क हलवा' सबसे ऊपर आता है। इसे स्थानीय स्तर पर 'दूध का हलवा' भी कहा जाता है। शुद्ध दूध और पारंपरिक तरीकों से बनने वाली यह मिठाई अब ललितपुर की ब्रांडिंग का चेहरा बन रही है। योगी सरकार द्वारा घोषित 150 करोड़ रुपये के बजट और 20 लाख रुपये तक के अनुदान से अब रामपुर के इस पारंपरिक जायके को आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ दुनिया भर के बाजारों में उतारा जाएगा।

मिल्क हलवा का इतिहास

ललितपुर का मिल्क हलवा दशकों पुराना है। बुंदेलखंड का यह इलाका पशुपालन में समृद्ध रहा है, जिसके कारण यहां दूध की प्रचुरता हमेशा से रही। जानकारों के अनुसार, इस हलवे की शुरुआत स्थानीय हलवाइयों द्वारा दूध को संरक्षित करने और उससे कुछ विशेष बनाने के प्रयास से हुई।लमुरादाबादी दाल की तरह ही, इसे बनाने की प्रक्रिया भी बहुत धैर्य वाली है। इसे बनाने में किसी कृत्रिम रंग या बाहरी मावे का प्रयोग नहीं होता, बल्कि दूध को ही घंटों तक पकाकर उसे दानेदार 'रबड़ीनुमा' हलवे में बदला जाता है। आज यह मिठाई शादियों, त्योहारों और खास मेहमानों के लिए ललितपुर की पहली पसंद है।

क्यों खास है ललितपुर का मिल्क हलवा?

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