ललितपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक मंदिरों के लिए तो जाना ही जाता है, लेकिन खाने के शौकीनों के बीच यहां का 'मिल्क हलवा' सबसे ऊपर आता है। इसे स्थानीय स्तर पर 'दूध का हलवा' भी कहा जाता है। शुद्ध दूध और पारंपरिक तरीकों से बनने वाली यह मिठाई अब ललितपुर की ब्रांडिंग का चेहरा बन रही है। योगी सरकार द्वारा घोषित 150 करोड़ रुपये के बजट और 20 लाख रुपये तक के अनुदान से अब रामपुर के इस पारंपरिक जायके को आधुनिक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ दुनिया भर के बाजारों में उतारा जाएगा।
