Get App

फंड नहीं जुटा पा रही है तो पड़ रहे IT-ED के छापे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने BJP पर साधा निशाना

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोप लगाया कि बीजेपी के पूर्व विधायक मदल विरुपक्षप्पा भारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद जेल गए, लेकिन जब वह जमानत पर रिहा हुए तो बीजेपी नेताओं ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया। वहीं दूसरी तरफ अब वे किसी निजी ठेकेदार के घर से मिले पैसे के लिए हमारा इस्तीफा मांग रहे हैं। क्या बीजेपी में कोई नैतिकता है?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 18, 2023 पर 5:14 PM
फंड नहीं जुटा पा रही है तो पड़ रहे IT-ED के छापे, कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने BJP पर साधा निशाना
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि कर्नाटक में इसका सबसे बड़ा फंड जुटाने का स्रोत 40 फीसदी कमीशन अब बंद हो चुका है तो ऐसे में इनकम टैक्स और ईडी के छापे पड़वाए जा रहे हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बुधवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि फंड जुटाने के लिए बीजेपी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट और ईडी (ED) का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां अमीर कारोबारियों और ठेकेदारों को ब्लैकमेल छापे मारकर ब्लैकमेल कर रही है क्योंकि पार्टी पहले की तरह फंड नहीं जुटा पा रही है और उसकी हार लगभग तय है। सिर्फ विधानसभा चुनावों के लिए ही नहीं बल्कि 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए भी यह फंड नहीं जुटा पा रही है। उन्होंने कर्नाटक सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए जाने को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी आने वाले चुनावों में अपनी हार के लिए बहाने ढूंढ रही है।

यह पूरा मामला बीजेपी के आरोपों से जुड़ा है जिसमें बीजेपी ने कहा कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की छापेमारी में करोड़ों रुपये पकड़े गए कांग्रेस के इशारे पर इकट्ठा गया कमीशन का पैसा था। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि पांच राज्यों के चुनावों के लिए कांग्रेस ने यह पैसा जुटाया था।

'40% कमीशन बंद होने पर के चलते बढ़ी छापेमारी'

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि कर्नाटक में इसका सबसे बड़ा फंड जुटाने का स्रोत 40 फीसदी कमीशन अब बंद हो चुका है तो ऐसे में इनकम टैक्स और ईडी के छापे पड़वाए जा रहे हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने ये बातें X पर ट्वीट्स के जरिए कही। उन्होंने कहा कि हालिया राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी का हार निश्चित लग रही है तो अब यह अपनी हार के लिए बेकार बहाने ढूंढ रही है। उन्होंने कहा कि इस पर आश्चर्य नहीं होगा, अगर चुनाव नतीजे के अगले दिन बीजेपी यह कहे कि कांग्रेस पार्टी के मनी पावर की वजह से वे हारे। सिद्धारमैया ने आगे कहा कि इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जितने पैसे बीजेपी ने जुटाए हैं, वह इस बात का सबूत है कि कौन-सी पार्टी अपनी चुनावी राजनीति के लिए पैसे लूटने में लगी हुई है। मार्च 2018 से जनवरी 2023 के बीच 12,008 करोड़ रुपये के चुनावी बॉन्ड बेचे गए। जिसमें 5,272 करोड़ रुपये बीजेपी के हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें