Get App

MP Election 2023: मध्य प्रदेश में I.N.D.I.A. के सहयोगी होंगे आमने- सामने! कांग्रेस के बाद SP ने भी घोषित किए उम्मीदवार

MP Election 2023: साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा ने एक सीट- छतरपुर जिले की बिजावर पर जीत दर्ज की थी। पिछले चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद कांग्रेस बहुमत से पीछे रह गई, तो बहुजन समाज पार्टी (BSP) के दो विधायकों, एक SP विधायक और 4 निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। हालांकि, कांग्रेस सरकार पांच साल नहीं चल सकी

Akhileshअपडेटेड Oct 16, 2023 पर 3:06 PM
MP Election 2023: मध्य प्रदेश में I.N.D.I.A. के सहयोगी होंगे आमने- सामने! कांग्रेस के बाद SP ने भी घोषित किए उम्मीदवार
MP Election 2023: पिछले मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में SP ने एक सीट पर जीत दर्ज की थी

Madhya Pradesh Election 2023: अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बन रहे विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के दो प्रमुख घटक दल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (SP) मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में आमने-सामने आ गए हैं। समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रविवार को 9 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की। सपा नेता यश भारतीय ने कहा कि लिस्ट में छह उम्मीदवारों के नाम पहले घोषित किए गए थे, जबकि तीन नए नाम इसमें जोड़े गए हैं। 9 में से 4 सीटें ऐसी हैं, जिस पर रविवार सुबह कांग्रेस ने भी अपने उम्मीदवार घोषित किए थे। इसे फिलहाल सपा प्रमुख अखिलेश यादव की तरफ से दबाव की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

सभी सीटों पर लड़ सकती है सपा

सपा नेता यश भारतीय ने कहा कि 9 उम्मीदवारों में पूर्व विधायक मीरा दीपक यादव भी शामिल हैं, जिन्हें निवाड़ी विधानसभा क्षेत्र से मैदान में उतारा गया है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली पार्टी फिलहाल मध्य प्रदेश में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। निवाड़ी के अलावा राजनगर, भांडेर, धौहनी, चितरंगी, सिरमौर, बिजावर, कटंगी और सीधी विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की गई है।

साल 2018 के मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा ने एक सीट- छतरपुर जिले की बिजावर पर जीत दर्ज की थी। पिछले चुनावों में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बावजूद कांग्रेस बहुमत से पीछे रह गई, तो बहुजन समाज पार्टी (BSP) के दो विधायकों, एक SP विधायक और 4 निर्दलीय विधायकों ने कमलनाथ के नेतृत्व वाली तत्कालीन सरकार को बाहर से समर्थन दिया था। हालांकि, कांग्रेस सरकार पांच साल नहीं चल सकी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें