राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सत्ता में अपनी वापसी का भरोसा है। अगर वह जीत जाते हैं तो चौथी बार राज्य के मुख्यमंत्री बनेंगे। पहली बार 1993 में राज्य के शासन की बागडोर अपने हाथ में लेने वाले गहलोत को राजस्थान मुख्यमंत्री की कुर्सी से इतनी मोहब्बत है कि वह कांग्रेस में बड़ी भूमिका तक को खारिज कर चुके हैं। पिछले साल कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव से पहले पूर्व पार्टी अध्यक्ष की इच्छा पार्टी की बागडोर गहलोत को सौंपने की थी। लेकिन, गहलोत ने पार्टी अध्यक्ष का चुनाव लड़ने का प्रस्ताव ही खारिज कर दिया। तब मायूस सोनिया को मल्लिकार्जुन खड़गे को पार्टी अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाने का फैसला करना पड़ा।
