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Rajasthan Election 2023: राजस्थान में आचार संहिता लागू होने के 48 घंटे में मिली 500 से अधिक शिकायतें

Rajasthan Election 2023: चुनाव आयोग ने बड़े पैमाने पर शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों का हवाला देते हुए राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए मतदान की तारीख को बुधवार को 23 नवंबर से बदलकर 25 नवंबर कर दिया। एक बयान में चुनाव आयोग ने कहा कि मतदान की तारीख में बदलाव के लिए विभिन्न दलों और सामाजिक संगठनों ने आग्रह किया था

Akhileshअपडेटेड Oct 12, 2023 पर 1:50 PM
Rajasthan Election 2023: राजस्थान में आचार संहिता लागू होने के 48 घंटे में मिली 500 से अधिक शिकायतें
C-Vigil ऐप पर आदर्श आचार संहिता की सबसे ज्यादा 79 शिकायतें जयपुर जिले से प्राप्त हुईं

Rajasthan Election 2023: राजस्थान में आदर्श आचार संहिता के लागू होने के महज 48 घंटे में C-Vigil app पर राज्य भर से 500 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें जिला निर्वाचन अधिकारियों (रिटर्निंग ऑफिसर्स) ने 134 शिकायतों को सही पाया और उनका तय समय सीमा में निस्तारण किया। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने पीटीआई को बताया कि विधानसभा चुनाव में यह ऐप खासा मददगार साबित हो रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आदर्श आचार संहिता के लागू होने के महज 48 घंटे में 500 से ज्यादा शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से जिला निर्वाचन अधिकारियों ने 134 शिकायतों को सही पाया और उनका तय समय सीमा में निस्तारण किया।

उन्होंने कहा कि जिला निर्वाचन अधिकारियों ने 115 शिकायतें खारिज कर दीं, जबकि छह शिकायतें अभी जांच दलों और निर्वाचन अधिकारियों के द्वारा निर्णय के लिए लंबित हैं। उनके मुताबिक शेष 242 शिकायतों को जिला नियंत्रण कक्ष की टीम ने अपने स्तर पर खारिज कर दी।

गुप्ता ने कहा कि सी विजिल ऐप पर आदर्श आचार संहिता की सबसे ज्यादा 79 शिकायतें जयपुर जिले से प्राप्त हुईं। सबसे ज्यादा कार्यवाही भी जयपुर जिले के निर्वाचन अधिकारी ने की। उनके अनुसार यहां 37 शिकायतों का निस्तारण किया गया। उन्होंने बताया कि इस एप के माध्यम से अधिकतम सौ मिनट की समय सीमा में प्राप्त शिकायतों का समाधान किया जा सकता है।

मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि अब तक आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतों पर पर्याप्त सबूतों के अभाव में कड़ी कार्रवाई से बच जाते थे। उनका कहना था कि शिकायत के सत्यापन में तस्वीर या वीडियो के रूप में दस्तावेजी साक्ष्य की कमी भी बाधा थी लेकिन नया एप इन सभी कमियों को दूर करने का काम कर रहा है।

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