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Rajasthan Election: 'मोदी फैक्टर' बनाम 'गहलोत की गारंटी', जानें अजमेर का सियासी किला कौन करेगा फतह

Rajasthan Election 2023: अजमेर इलाके का झुकाव पिछले चुनाव में बीजेपी की ओर था। बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और हिंदुत्व के सहारे अपने इस सियासी किले को सुरक्षित रखने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस अशोक गहलोत सरकार की योजनाओं और अपनी ‘सात गारंटी’ के जरिए इस किले को जीतने की कोशिश कर रही है। हालांकि देखना होगा कि जनता क्या फैसला करती है

Moneycontrol Newsअपडेटेड Nov 16, 2023 पर 4:35 PM
Rajasthan Election: 'मोदी फैक्टर' बनाम 'गहलोत की गारंटी', जानें अजमेर का सियासी किला कौन करेगा फतह
Rajasthan Election 2023: पिछले करीब 2 दशक से अजमेर इलाके में बीजेपी का दबदबा रहा है

Rajasthan Election 2023: राजस्थान के अजमेर में इस समय सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह और भगवान ब्रह्मा की नगरी पुष्कर के लिए जाने जाने वाला यह इलाका इस समय चुनावी पोस्टरों से पटा पड़ा है। यहां मुख्य लड़ाई सत्तारुढ़ कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। पिछले चुनाव में इस इलाके का झुकाव बीजेपी की ओर था। बीजेपी इस बार भी पीएम नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता और हिंदुत्व के सहारे अपने इस सियासी किले को सुरक्षित रखने की कोशिश में है। वहीं कांग्रेस अशोक गहलोत सरकार की योजनाओं और अपनी ‘सात गारंटी’ के जरिए इस किले को जीतने की कोशिश कर रही है। हालांकि देखना होगा कि जनता क्या फैसला करती है।

अजमेर में कुल 8 विधानसभा सीटें

अजमेर के सियासी इतिहास की बात करें तो, पिछले करीब 2 दशक से अजमेर में बीजेपी का दबदबा रहा है। अजमेर में कुल 8 विधानसभा सीटें है। पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी राज्य में अपनी सत्ता गंवा बैठी थी। हालांकि उसके बावजूद उसने अजमेर की 8 में से 6 सीटें जीतने में सफल रही थी।

बीजेपी का मजूबत पक्ष

राजस्थान में हर 5 साल पर सरकार बदलने की परंपरा रही है। इसके अलावा पीएम मोदी की लोकप्रियता और उसके परंपरागत वोटरों में ‘हिंदुत्व’ के मुद्दे हावी होने के चलते पार्टी की राजनीतिक जमीन को काफी मजबूती मिल रही है। हालांकि अजमेर नॉर्थ और कुछ अन्य सीटों पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार भी मैदान में है, जो इसके लिए एक चुनौती बने हुए हैं।

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