वेस्ट एशिया में फार्मा शिपमेंट पूरी तरह बंद होने से सिर्फ इस महीने में ही एक्सपोर्ट वैल्यू में 2,500-5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि US-इजराइल और ईरान के बीच तेज होते युद्ध के बीच फ्रेट रेट दोगुना हो गया है। ऐसी चेतावनी फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) ने दी है। एक्सपोर्टर्स को हर शिपमेंट पर 4,000-8,000 डॉलर का भारी सरचार्ज देना पड़ रहा है। इससे खाड़ी देशों और वेस्ट एशिया मार्केट पर बहुत ज्यादा निर्भर दवा बनाने वालों के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ गई है। ज्यादा इंश्योरेंस प्रीमियम, फ्यूल की कीमतें बढ़ना और लंबे रूट से ऑपरेशनल देरी इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं।
