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इजराइल-ईरान युद्ध से माल ढुलाई की लागत बढ़ी, फार्मा एक्सपोर्टर्स को केवल इस महीने में ही ₹5000 करोड़ तक के नुकसान का डर

खाड़ी देशों और वेस्ट एशिया मार्केट पर बहुत ज्यादा निर्भर दवा बनाने वालों के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ गई है। UAE, सऊदी अरब, ओमान और कुवैत जैसे बड़े मार्केट भारत की जेनेरिक और सस्ती दवाओं पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 06, 2026 पर 1:22 PM
इजराइल-ईरान युद्ध से माल ढुलाई की लागत बढ़ी, फार्मा एक्सपोर्टर्स को केवल इस महीने में ही ₹5000 करोड़ तक के नुकसान का डर
इस युद्ध ने शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बाधित कर दिया है।

वेस्ट एशिया में फार्मा शिपमेंट पूरी तरह बंद होने से सिर्फ इस महीने में ही एक्सपोर्ट वैल्यू में 2,500-5,000 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि US-इजराइल और ईरान के बीच तेज होते युद्ध के बीच फ्रेट रेट दोगुना हो गया है। ऐसी चेतावनी फार्मास्यूटिकल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ऑफ इंडिया (फार्मेक्सिल) ने दी है। एक्सपोर्टर्स को हर शिपमेंट पर 4,000-8,000 डॉलर का भारी सरचार्ज देना पड़ रहा है। इससे खाड़ी देशों और वेस्ट एशिया मार्केट पर बहुत ज्यादा निर्भर दवा बनाने वालों के लिए लॉजिस्टिक्स कॉस्ट बढ़ गई है। ज्यादा इंश्योरेंस प्रीमियम, फ्यूल की कीमतें बढ़ना और लंबे रूट से ऑपरेशनल देरी इस बढ़ोतरी के मुख्य कारण हैं।

फार्मेक्सिल के चेयरमैन नमित जोशी का कहना है, कच्चे तेल की ज्यादा कीमतें और अनप्रेडिक्टेबल (अंदाजा न लगाए जा सकने वाले) ट्रांजिट टाइम भी एक्टिव फार्मास्यूटिकल इंग्रेडिएंट (API) खरीदने की कॉस्ट और इन्वेंट्री की दिक्कतों को बढ़ा रहे हैं। इससे बड़े और मीडियम साइज के फार्मा एक्सपोर्टर्स के वर्किंग कैपिटल साइकिल पर दबाव पड़ रहा है। जोशी ने कहा कि लॉजिस्टिक्स का दबाव बेहद तेजी से बढ़ रहा है।

28 फरवरी 2026 को इजराइल और अमेरिका ने ईरान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान करते हुए एयर स्ट्राइक की। इसके बाद से बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड लगभग 16 प्रतिशत उछला है। 6 मार्च की सुबह ब्रेंट 84 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा था। ईरान ने भी इजराइल और अमेरिका के हमलों का बराबर जवाब दिया है। उसने इजराइल के अलावा मध्यपूर्व के कई देशों पर भी हमले किए हैं।

महत्वपूर्ण जलमार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित

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