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UPA कार्यकाल के दौरान हुआ था 22 हजार करोड़ का ABG शिपयार्ड बैंक घोटाला! CBI ने बताई देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड की पूरी हिस्ट्री

CBI ने एक बयान में कहा कि SBI की शिकायत के अनुसार NPA 22,842 करोड़ रुपये की है और 2005 और 2012 के बीच ICICI बैंक के नेतृत्व में 28 बैंकों के एक संघ द्वारा अधिकांश अदायगी हुआ और इसमें SBI भी शामिल था

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 15, 2022 पर 8:53 PM
UPA कार्यकाल के दौरान हुआ था 22 हजार करोड़ का ABG शिपयार्ड बैंक घोटाला! CBI ने बताई देश के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड की पूरी हिस्ट्री
CBI ने एक बयान में कहा कि SBI की शिकायत के अनुसार NPA 22,842 करोड़ रुपये की है और 2005 और 2012 के बीच ICICI बैंक के नेतृत्व में 28 बैंकों के एक संघ द्वारा अधिकांश अदायगी हुआ और इसमें SBI भी शामिल था

गुजरात की जहाज निर्माण कंपनी ABG शिपयार्ड पर देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले का आरोप लगा है। कंपनी द्वारा 28 बैंकों के ग्रुप को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। इस मामले में जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मंगलवार को कहा कि प्राइवेट शिपिंग फर्म एबीजी शिपयार्ड के बैंक अकाउंट को 2013 में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के अनुसार नॉन प्रॉफिटेबल एसेट्स यानी NPA (non-profitable assets) घोषित किया गया था और यह तब हुआ था जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार सत्ता में थी।

केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि बैंक (SBI) की शिकायत के अनुसार NPA 22,842 करोड़ रुपये की है और 2005 और 2012 के बीच ICICI बैंक के नेतृत्व में 28 बैंकों के एक संघ द्वारा अधिकांश अदायगी यानी डिस्बर्समेंट (Disbursement) हुआ और इसमें SBI भी शामिल था। CBI ने 2012 से 2017 तक फर्म के फोरेंसिक ऑडिट का हवाला देते हुए कहा कि कंपनी को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रेसोलुशन प्रोसेस के लिए ICICI बैंक द्वारा 1 अगस्त, 2017 को अहमदाबाद में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल को भी भेजा गया था।

एजेंसी ने कहा कि हालांकि, कई बैंकों ने वित्तीय वर्ष 2019-2020 के दौरान एबीजी शिपयार्ड के अकाउंट को फ्रॉड घोषित कर दिया था। जांच एजेंसी ने मामले दर्ज करने में देरी के पीछे राज्यों द्वारा सामान्य सहमति (general consent) वापस लेने का हवाला दिया। जांच एजेंसी के बयान में कहा गया है कि कुछ राज्यों द्वारा सीबीआई को सामान्य सहमति वापस लेने से बैंक धोखाधड़ी के मामले दर्ज करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया था।

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