अडानी ग्रुप (Adani Group) की कंपनी अडानी रियल्टी (Adani Realty) ने धारावी स्लम (Dharavi Slum) के रिडेवलपमेंट प्रोजक्ट की बोली जीत ली है। मुंबई स्थित धारावी की गिनती एशिया के सबसे बड़े स्लम में होती है। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार 29 नवंबर को धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजक्ट को वित्तीय बोलियों को खोला। धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट (Dharavi redevelopment Project) के सीईओ एसवीआर श्रीनिवार ने बताया, "हमें कुल तीन बोलियां मिली थीं। नमन ग्रुप (Naman Group) की बोली टेक्निकल बिडिंग में क्वालिफाई नहीं कर पाई। इसके बाद फाइनेंशियल बिडिंग में हमने बाकी दो- अडानी ग्रुप (Adani Group) और डीएलएफ (DLF) की बोली को खोला। अडानी ग्रुप की तरफ से 5,069 करोड़ की बोली थी और डीएलएफ की बोली 2,025 करोड़ की थी।"
श्रीनिवास ने बताया कि अब वह इस बोली को राज्य सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजेंगे। साथ ही धारावी के रिडेवलपमेंट के लिए एक स्पेशल परपज व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा।
15 सालों से धारावी के पुनर्विकास की हो रही कोशिश
इस आधार पर चुनी गई विजेता बोली
20,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस प्रोजेक्ट के लिए विजेता को इस आधार पर चुना गया है कि प्रोजेक्ट में कौन शुरूआत में सबसे अधिक निवेश कर सकता है। महाराष्ट्र सरकार अगले 17 सालों में धारावी के रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पूरा होने की उम्मीद कर रही है और इसके अगले 7 सालों में इसके पुनर्वास के पूरा होने की उम्मीद है। धारावी रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत करीब 1 करोड़ स्क्वायर फीट का एरिया आने की उम्मीद है।
1 अक्टूबर को जारी हुआ था ग्लोबल टेंडर
महाराष्ट्र सरकार ने इससे पहले 2019 में धारावी के रिडेवलमेंट के लिए ग्लोबर टेंडर जारी किया था, जो विफल रहा था। इसके बाद इस साल 1 अक्टूबर को फिर से ग्लोबर टेंडर जारी किया, जिसमें कुल 8 कंपनियों ने शुरुआत में दिलचस्पी दिखाई थी। इसमें से 5 भारत की और 3 विदेशी कंपनी है। हालांकि इनमें से सिर्फ तीन ने ही बोली जमा की।
56,000 से ज्यादा परिवारों को फिर से बसाया जाएगा
श्रीनिवास ने 1 नवंबर को एक इंटरव्यू में बताया था कि धारावी में अगला बांद्रा कुर्ला कॉम्पलेक्स बनने की संभावना है, जो आज मुंबई के सबसे पॉश इलाकों में से एक है। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर 56,000 से ज्यादा परिवारों को यहां फिर से बसाया जाएगा। इस स्लम में रहने वाले हर परिवार को 405 वर्ग फीट कारपेट एरिया का घर मिलेगा। 1 करोड़ स्क्वायर फीट के कंस्ट्रक्शन एरिया में से करीब 70-80 लाख स्क्वायर फीट का इस्तेमाल रिहैब्लिटेशन के लिए होगा। बाकी को ओपन मार्केट में सेल किया जाएगा।