भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मंगलवार 29 नवंबर को डिजिटल रुपी (Digital Rupee) को लेकर एक बड़ा ऐलान किया। RBI ने बताया कि वह 1 दिसंबर को खुदरा डिजिटल रुपी (e₹-R) के पहले पायलट या ट्रायल को लॉन्च करेगा। यह पायलट कुछ चुनिंदा ग्राहकों और व्यापारियों के समूह के बीच लॉन्च किया जाएगा। RBI ने इस ट्रायल के लिए 8 बैंकों को चिन्हित किया गया है, जो चरणबद्ध तरीके से इसमें शामिल होंगे। पहले चरण 4 बैंकों की सहभागिता के साथ देश के 4 शहरों में शुरू होगा। इन बैंकों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank), यस बैंक (Yes Bank) और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक शामिल (IDFC First Bank) हैं।
RBI की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया कि दूसरे चरण में चार और बैंकों को शामिल किया जाएगा, जिनमें बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India), HDFC बैंक (HDFC Bank) और कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) शामिल हैं।
बयान में कहा गया है, "यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू में चारो शहरों में सीमित होगा, जिसमें मुबंई, नई दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर शामिल है। बाद में अहमदाबाद, गंगटोक, गुवाहाटी, हैदराबाद, कोचि, लखनऊ, पटना और शिमला को भी इसमें शामिल किया जएागा। धीरे-धीरे इस पायलट प्रोजेक्ट का दायरा बढ़ाकर इसमें और बैंक, यूजर्स और शहरों को शामिल किया जा सकता है।"
RBI ने कहा कि पायलट प्रोजेक्ट का उद्देश्य "रियल-टाइम समय में डिजिटल रुपी के क्रिएशन, डिस्ट्रीयूशन और खुदरा इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया की मजबूती को जांचना" है। RBI ने इस पायलट प्रोजेक्ट्स से मिली जानकारियों के आधार पर, भविष्य में होने वाले ट्रायल में e₹-R टोकन के दूसरे फीचर्स, इस्तेमाल और ऑर्किटेक्चर को टेस्ट किया जाएगा।
RBI के मुताबिक, डिजिटल रुपी (e₹-R) भारत सरकार से मान्य एक डिजिटल टोकन होगा। इन डिजिटल टोकन को ठीक उन्हीं मूल्य के साथ जारी किया जाएगा, जिसे मूल्य के सिक्के और नोट छपते हैं। e₹-R को इंटरमीडियरीज के जरिए लोगों में डिस्ट्रीब्यूट किया जाएगा और इन इंटरमीडियरीज में बैंक प्रमुख हैं।
RBI ने बताया कि इस पायलट प्रोजेक्ट में भाग लेने वाली सभी बैंक अपने ग्राहकों को डिजिटल वॉलेट देंगे। यूजर्स इन्हीं डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल कर e₹-R में ट्रांजैक्शन कर सकेंगे और यह उनके मोबाइल फोन या डिवाइस पर स्टोर होगा।