अदाणी ग्रुप अब एक और बंदरगाह का मालिक हो गया है। अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (Adani Ports & SEZ) ने शनिवार 1 अप्रैल को बताया कि उसने कराईकल पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (KPPL) के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इस अधिग्रहण के लिए कंपनी को नेशनल कंपनी लॉ ट्राइब्यूनल (NCLT) से पहले ही मंजूरी मिल चुकी थी। इससे पहले अदाणी पोर्ट्स की कॉरपोरेट दिवालिया समाधान प्रक्रिया के जरिए कराईकल पोर्ट के लिए लगाई बोली को विजेता घोषित किया गया था।
अदाणी पोर्ट्स ने एक बयान में बताया कि NCLT ने उसे वित्तीय लेनदारों को 14.85 अरब रुपये (181 मिलियन डॉलर) का भुगतान करने की योजना को मंजूरी दे दी है।
कराईकल पोर्ट पुड्डुचेरी में गहरे समुद्र में स्थित सभी मौसम के अनुकूल बंदरगाह है। इसकी माल ढुलाई क्षमता करीब 2.15 करोड़ टन की है। वित्त वर्ष 2022-23 में कराईकल पोर्ट ने 1 करोड़ टन कार्गो की ढुलाई की।
Adani Ports के सीईओ और फुल-टाइम डायरेक्टर करण अडाणी ने इस मौके पर कहा, "कराईकल पोर्ट के अधिग्रहण के साथ अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड अब देश में कुल 14 बंदरगाहों का संचालन कर रही है। इसे अपग्रेड करने पर भविष्य में 850 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।” उन्होंने कहा, "हम अगले 5 साल में बंदरगाह की क्षमता को दोगुना करने की सोच कर रहे हैं और इसे बहुउद्देशीय बंदरगाह बनाने के लिए कंटेनर टर्मिनल भी जोड़ रहे हैं।"
दबाव में हैं अडानी पोर्ट्स के शेयर
कराईकल पोर्ट का अधिग्रहण ऐसे समय में पूरा हुआ है जब, अदाणी ग्रुप एक अमेरिकी शॉर्ट सेलर-फर्म की रिपोर्ट के बाद निवेशकों का भरोसा बहाल करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च ने बीते 24 जनवरी को अडानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी।
इसके बाद से अडानी ग्रुप के बाकी शेयरों सहित अदाणी पोर्ट्स के शेयर भी दबाव में हैं। कंपनी के शेयर शुक्रवार 31 मार्च को एनएसई पर 0.74% गिरकर 631.95 रुपये के भाव पर बंद हुए। इस साल की शुरुआत से अबतक अडानी ग्रुप के शेयर करीब 23.15% गिर चुके हैं।