Get App

हॉर्मुज के बाद अब लाल सागर का रास्ता भी बंद करेगा ईरान! दी बड़ी चेतावनी, यमन के हूती मचाएंगे कोहराम

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ किया है कि अगर उसके दक्षिणी द्वीपों पर जमीनी हमले होते हैं, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी पहरा बैठा सकता है। ईरान का कहना है कि यमन का हूती संगठन उसके इशारे पर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Mar 26, 2026 पर 2:05 PM
हॉर्मुज के बाद अब लाल सागर का रास्ता भी बंद करेगा ईरान! दी बड़ी चेतावनी, यमन के हूती मचाएंगे कोहराम
दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का लगभग 12% तेल और गैस, बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग से गुजरता है

मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान ने एक और बड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ किया है कि अगर उसके दक्षिणी द्वीपों पर जमीनी हमले होते हैं, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य के बाद अब बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर भी पहरा बैठा सकता है। ईरान का कहना है कि यमन का हूती संगठन (अंसारुल्लाह) उसके इशारे पर बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर कब्जा कर सकते हैं। अगर यह कदम उठाया जाता है, तो पूरी दुनिया की ऑयल और गैस सप्लाई पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे कई देशों के सामने ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।

यह चेतावनी उस समय आई है जब व्हाइट हाउस ने कहा कि अगर ईरान युद्धविराम की शर्तें नहीं मानता है, तो अमेरिका उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई और तेज कर सकता है। वहीं, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने भी अमेरिका और इजराइल को ईरान की जमीन पर किसी भी संभावित जमीनी कार्रवाई के खिलाफ चेताया है।

होर्मुज के बाद दूसरा बड़ा खतरा

ईरान पहले ही युद्ध शुरू होने के बाद से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर अपना पहरा बैठा चुका है। इसके चलते पूरी दुनिया में ऑयल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ा है। होर्मुज समुद्री मार्ग से दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल और गैस गुजरता है। भारत सहित कई देशों की ऊर्जा जरूरतें इसी मार्ग पर निर्भर हैं। अब ईरान ने बाब-अल-मंदेब समुद्री मार्ग को भी बाधित करने की चेतावनी दी है, जिसने तनाव और बढ़ा दिया है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें