TCS में भेदभाव! अमेरिकी प्रोफेशनल्स ने लगाया भारतीयों की तरफदारी का आरोप

TCS News: भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर अमेरिकी प्रोफेशनल्स ने भेदभाव का आरोप लगाया है। अनुभवी अमेरिकी प्रोफेशनल्स के एक ग्रुप ने टीसीएस पर उनकी नस्ल और उम्र के आधार पर गलत तरीके से भेदभाव का आरोप लगाया गया है। द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी इक्वल एंप्लॉयमेंट अपॉर्च्यूनिटी कमीशन के पास इससे जुड़ी शिकायत की गई है

अपडेटेड Mar 30, 2024 पर 11:58 AM
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टीसीएस ने कंपनी से निकाले गए प्रोफेशनल्स के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। हालांकि यह मामला अब इक्वल एंप्लॉयमेंट अपॉर्च्यूनिटी कमीशन में पहुंच चुका है।

TCS News: भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) पर अमेरिकी प्रोफेशनल्स ने भेदभाव का आरोप लगाया है। अनुभवी अमेरिकी प्रोफेशनल्स के एक ग्रुप ने टीसीएस पर उनकी नस्ल और उम्र के आधार पर गलत तरीके से भेदभाव का आरोप लगाया गया है। द वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी इक्वल एंप्लॉयमेंट अपॉर्च्यूनिटी कमीशन के पास इससे जुड़ी शिकायत की गई है। द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक टीसीएस ने कथित तौर पर अनुभवी अमेरिकी प्रोफेशनल्स को निकाल दिया और उनका कुछ काम टेंपररी वर्क वीजा पर कम वेतन वाले भारतीय प्रवासियों को सौंप दिया।

TCS ने आरोपों को किया खारिज

पिछले साल के आखिरी महीने दिसंबर 2023 से अब तक कम से कम 22 वर्कर्स ने टीसीएस के खिलाफ इक्वल एंप्लॉयमेंट अपॉर्च्यूनिटी कमीशन में शिकायत दर्ज की है। रिपोर्ट के मुताबिक टीसीएस के जिन पूर्व एंप्लॉयीज ने शिकायत की है, उनमें कॉकेशियन्स (Caucasians) यानी उत्तरी अमेरिकी, एशियन-अमेरिकी (Asian-Americans) और हिस्पैनिक अमेरिकन्स (Hispanic Americans) हैं। इनकी उम्र फोर्टीज से लेकर सिक्सटीज की है और ये 12 से अधिक अमेरिकी राज्यों में रहते हैं। शिकायत के मुताबिक इनमें से अधिकतर के पास MBA (मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन) या और ऊंची डिग्री हैं।


जिन प्रोफेशनल्स को निकाला गया है, उनका आरोप है कि कंपनी भारतीयों को अधिक वरीयता दे रही है। वहीं इन आरोपों को टीसीएस के प्रवक्ता ने खारिज कर दिया। प्रवक्ता का कहना है कि ये आरोप मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले हैं। प्रवक्ता ने आगे कहा कि अमेरिका में सबको रोजगार का समान मौका देने का कंपनी का शानदार ट्रैक रिकॉर्ड रहा है और यह अपने कारोबार को पूरी ईमानदारी के साथ चला रही है। टीसीएस के अमेरिका में दर्जनों बड़े-बड़े क्लाइंट्स हैं।

अब आगे क्या?

टीसीएस ने कंपनी से निकाले गए प्रोफेशनल्स के आरोपों को बेबुनियाद करार दिया है। हालांकि यह मामला अब इक्वल एंप्लॉयमेंट अपॉर्च्यूनिटी कमीशन में पहुंच चुका है। यह वाशिंगटन में स्थित है और इसका काम वर्कल्पेस पर भेदभाव रोकने के लिए केंद्रीय कानूनों का लागू करना है। इसके पास इन कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार है। हालांकि गोपनीयता के चलते आयोग के प्रवक्ता ने टीसीएस से जुड़े इस मामले में कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

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