कई लोन और अलग-अलग EMI को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। डेट कन्सॉलिडेशन के लिए पर्सनल लोन लेकर आप कई कर्जों को एक EMI में बदल सकते हैं, लेकिन ब्याज दर, फीस और रीपेमेंट टेन्योर को ध्यान में रखकर ही फैसला करना जरूरी है।