बजाज ऑटो (Bajaj Auto) के एमडी राजीव बजाज (Rajiv Bajaj) का मानना है कि किसी भी सेक्टर में सब्सिडी जारी रही तो देश अपने टिकाऊ भविष्य का विकास नहीं कर सकता है। उन्होंने ये बातें सीएनबीसी टीवी-18 को दिए एक इंटरव्यू में कही। बजाज ने जोर देकर कहा कि सब्सिडी से सच्चाई पर पर्दा पड़ता और इससे नई सोच पर असर पड़ता है। ऐसे में उन्होंने कहा कि इसे देश में इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EVs) के भविष्य के लिए लॉन्ग टर्म सॉल्यूशन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने सब्सिडी की बजाय ईवी के भविष्य के लिए एक ठोस रणनीति पर चलने को कहा है।
सरकार के रुझान के हिसाब से ही Bajaj के एमडी का तर्क
राजीव बजाज का मानना है कि सब्सिडी कोई स्ट्रैटजी नहीं और यह रणनीतिक योजनाओं को बाधित भी करती है। उनका यह विचार केंद्र सरकार के रुख के हिसाब से ही है। सरकार की योजना FAME (फास्टर एडॉप्शन एंड मैनुफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक वेईकल्स) सब्सिडी स्कीम को मार्च 2024 के बाद बढ़ाने की नहीं है यानी इस स्कीम के तहत गाड़ी कंपनी को मार्च 2024 के बाद फायदा नहीं मिलेगा। बजाज के एमडी के मुताबिक सब्सिडी के चलते कुछ लोगों को अनुचित फायदा मिलता है और इससे मार्केट में गड़बड़ी बढ़ती है। उन्होंने एक उदाहरण भी दिया कि 20 लाख रुपये की कार के लिए किसी को 2 लाख रुपये की सब्सिडी मिले तो यह टिकाऊ नहीं है।
FAME Scheme को बढ़ाने की हुई है सिफारिश
फेम योजना को केंद्र सरकार ने देश में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया था। इसके तहत कंपनियों को सब्सिडी दी जाती है। इल योजना के तहत मार्च 2024 तक इंसेंटिंव मिलेगा। इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर एक संसदीय समिति ने सरकार को फेम इंडिया योजना के तहत फायदों को दो और वर्षों तक बढ़ाने का सुझाव दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक समिति का दावा है कि योजना का विस्तार नहीं किया गया तो ईवी अडॉप्शन में सुस्ती आ सकती है।