बांग्लादेश ने तेज की Adani Power का बकाया चुकाने की प्रोसेस, पावर सप्लाई में कटौती के बाद उठाया कदम

रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से बांग्लादेश महंगे ईंधन और माल आयात के कारण अपने बिलों का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहा है। अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड ने इस महीने बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति लगभग 1,400 मेगावाट से घटाकर 700-800 मेगावाट कर दी है

अपडेटेड Nov 04, 2024 पर 2:59 PM
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अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड ने कहा है कि अगर बांग्लादेश 7 नवंबर तक बकाया अमाउंट का पेमेंट नहीं करता है तो वह बिजली की सप्लाई रोक देगी।

बांग्लादेश में बिजली गुल होने से रोकी जा सके, इसके लिए पड़ोसी मुल्क अदाणी पावर को 80 करोड़ डॉलर से अधिक का भुगतान करने में तेजी ला रहा है। यह बात रॉयटर्स को वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों से पता चली है। बकाए का भुगतान न होने के चलते अदाणी पावर (Adani Power) के पूर्ण-मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी अदाणी पावर झारखंड लिमिटेड (APJL) ने बांग्लादेश को बिजली आपूर्ति घटाकर आधा कर दी है। देश पर कंपनी का 84.6 करोड़ डॉलर का बिल बकाया है।

APJL अपने 1,600 मेगावाट (MW) गोड्डा प्लांट से ढाका को बिजली निर्यात करती है। कंपनी ने कहा है कि अगर बांग्लादेश 7 नवंबर तक बकाया अमाउंट का पेमेंट नहीं करता है तो वह बिजली की सप्लाई रोक देगी। बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि APJL ने इस महीने बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति लगभग 1,400 मेगावाट से घटाकर 700-800 मेगावाट कर दी है।

बिलों का पेमेंट करने के लिए संघर्ष कर रहा है बांग्लादेश


रूस द्वारा 2022 में यूक्रेन पर आक्रमण करने के बाद से बांग्लादेश महंगे ईंधन और माल आयात के कारण अपने बिलों का भुगतान करने के लिए संघर्ष कर रहा है। अगस्त में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटाने के लिए राजनीतिक उथल-पुथल ने भी इसकी परेशानियों को और बढ़ा दिया। अंतरिम बांग्लादेश सरकार में बिजली और ऊर्जा सलाहकार मुहम्मद फौजुल कबीर खान ने रॉयटर्स को बताया, "पिछले महीने हमने 9.6 करोड़ डॉलर का भुगतान किया और इस महीने अतिरिक्त 17 करोड़ डॉलर के लिए लेटर ऑफ क्रेडिट खोला गया है।"

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APJL ने बढ़ा दिया है चार्ज

हाल ही में न्यूजपेपर 'डेली स्टार' ने पीडीबी के एक अधिकारी के हवाले से कहा था कि पिछले बकाए का एक हिस्सा पहले चुका दिया गया था, लेकिन जुलाई से APJL पिछले महीनों की तुलना में अधिक चार्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि पीडीबी हर सप्ताह करीब 1.8 करोड़ डॉलर का भुगतान कर रहा है, जबकि शुल्क 2.2 करोड़ डॉलर से अधिक है। बकाया भुगतान फिर से बढ़ने की यही वजह है।

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