नहीं रहे वॉरेन बफे के राइट हैंड चार्ली मंगेर, 99 वर्ष की आयु में दुनिया को कहा अलविदा

चार्ली मंगेर को वॉरेन बफे का राइट हैंड कहा जाता था। उन्होंने Berkshire Hathaway को खड़ा करने और उसे आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाई। फोर्ब्स के मुताबिक, चार्ली दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 182वें नंबर पर हैं और उनकी नेटवर्थ 2.6 अरब डॉलर है। मंगेर 1978 में बर्कशायर के वाइस प्रेसिडेंट और 1984 में वेस्को फाइनेंशियल के चेयरमैन व प्रेसिडेंट बने

अपडेटेड Nov 29, 2023 पर 9:43 AM
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अमेरिकी कंपनी Berkshire Hathaway के वाइस चेयरमैन और वॉरेन बफे (Warren Buffett) के सबसे करीबी चार्ली मंगेर (Charlie Munger) का 99 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनकी मृत्यु मंगलवार रात को कैलिफोर्निया के एक हॉस्पिटल में हुई। इस बारे में बर्कशायर हैथवे ने बयान जारी किया है। चार्ली मंगेर को दिग्गज निवेशक और बर्कशायर हैथवे के सीईओ वॉरेन बफे का राइट हैंड कहा जाता था। चार्ली मंगेर के निधन पर वॉरेन बफे ने कहा, "चार्ली की प्रेरणा, बुद्धिमता और भागीदारी के बिना बर्कशायर हैथवे को उसकी वर्तमान स्थिति में नहीं पहुंचाया जा सकता था।"

चार्ली ने Berkshire Hathaway को खड़ा करने और उसे आगे ले जाने में अहम भूमिका निभाई।वॉरेन बफे को मंगेर की सलाह पर पूरा भरोसा था और उसी के आधार पर वह कंपनियों में निवेश करते थे। बफे की निवेश रणनीति पर मंगेर का प्रभाव ट्रांसफॉर्मेटिव था। फोर्ब्स के मुताबिक, चार्ली दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 182वें नंबर पर हैं और उनकी नेटवर्थ 2.6 अरब डॉलर है। मंगेर केवल बर्कशायर हैथवे के वाइस प्रेसिडेंट ही नहीं थे, बल्कि वह एक रियल एस्टेट वकील, डेली जर्नल कॉर्प के चेयरमैन और पब्लिशर, कॉस्टको बोर्ड के सदस्य, फिलांथरोपिस्ट और यहां तक ​​कि एक आर्किटेक्ट भी थे।

1924 में जन्म


साल 1924 में ओमाहा में जन्मे मंगेर ने हार्वर्ड लॉ स्कूल से ग्रेजुएशन किया था। फाइनेंस की दुनिया में उनकी एंट्री 1962 में लॉ फर्म मंगेर, टॉल्स एंड ओल्सन से हुई। साथ ही उन्होंने हेज फंड कंपनी, मुंगेर एंड कंपनी में निवेश को मैनेज किया। बफे और मंगेर के साथ के 60 वर्षों में दोनों के बीच कभी कोई विवाद नहीं हुआ।

कब मिले थे पहली बार

बर्कशायर हैथवे के मामले में मंगेर ने हमेशा बफे को कंपनी का चेहरा बनने दिया और खुद पीछे ही रहे। लेकिन बफे ने हमेशा बर्कशायर की कामयाबी में मंगेर के योगदान का उल्लेख किया और उन्हें पूरा-पूरा क्रेडिट​ दिया। दोनों की मुलाकात साल 1959 में ओमाहा में एक डिनर पार्टी में हुई। उस वक्त मंगेर दक्षिणी कैलिफोर्निया में लॉ की प्रैक्टिस कर रहे थे और बफे ओमाहा में एक इनवेस्टमेंट पार्टनरशिप चला रहे थे। इसके बाद वह लगातार संपर्क में रहे।

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1978 में बने बर्कशायर के वाइस प्रेसिडेंट 

1960 और 70 के दशक के दौरान दोनों ने इनवेस्टमेंट आइडिया शेयर करने लगे और कभी-कभी समान कंपनियों में निवेश किया। इसके चलते बफे और मंगेर दोनों ही, ट्रेडिंग स्टैंप निर्माता ब्लू चिप स्टैंप कंपनी में दो सबसे बड़े शेयरधारक बन गए और इसके माध्यम से See's Candy, Buffalo News और Wesco का अधिग्रहण किया। मंगेर 1978 में बर्कशायर के वाइस प्रेसिडेंट और 1984 में वेस्को फाइनेंशियल के चेयरमैन व प्रेसिडेंट बने।

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