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BUDGET 2022: सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ने की उम्मीद, यहां भी इन्वेस्ट कर बचा सकते हैं टैक्स

अगर आपकी टैक्स लायबिलिटी ज्यादा है तो आपको टैक्स सेविंग्स के दूसरे विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए। हेल्थ पॉलिसी, एजुकेशन लोन सहित कई दूसरे विकल्प आपको टैक्स रिबेट की सुविधा देते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2022 पर 7:18 PM
BUDGET 2022: सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ने की उम्मीद, यहां भी इन्वेस्ट कर बचा सकते हैं टैक्स
ज्यादा टैक्स देनदारी वाले टैक्सपेयर्स को सेक्शन 80सी के अलावा दूसरे विकल्पों के बारे में भी सोचना चाहिए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ा सकती है। अभी आप सेक्शन 80सी के तहत आने वाले निवेश माध्यमों में सालाना 1.50 लाख रुपये इन्वेस्ट कर टैक्स बचा सकते हैं। टैक्सपेयर्स काफी समय से सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि करीब सात साल पहले 80सी की लिमिट बढ़ाई गई थी। तब से हालात बहुत बदल गए हैं। ऐसे में इस लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है। हालांकि, हम आपको 80सी के अलावा दूसरे निवेश माध्यमों के बारे में बता रहे हैं, जो टैक्स बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं।

सेक्शन 80डी

इनकम टैक्स का यह सेक्शन आपको हेल्थ पॉलिसी के जरिए टैक्स बचाने में मदद करता है। आप खुद, पत्नी और बच्चों के लिए मेडीक्लेम पॉलिसी (Mediclaim Policy) खरीदकर 25,000 रुपये तक के डिडिक्शन (Deduction) का दावा कर सकते हैं। अगर आपके माता-पिता 60 साल से ज्यादा उम्र के हैं तो उनके लिए मेडीक्लेम पॉलिसी पर अतिरिक्त सालाना 50,000 रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। अगर आपके माता-पिता की उम्र 60 साल से कम है तो आप मेडिक्लेम पॉलिसी के लिए अतिरिक्त 25,000 रुपये का दावा कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस सेक्शन के तहत हेल्थ चेक-अप के लिए सालाना 5,000 रुपये टैक्स डिडक्शन का दावा कर सकते हैं।

सेक्शन 80डीडी

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 80डीडी के तहत दिव्यांग डिपेंडेंट के लिए टैक्स डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। 80 फीसदी तक डिसएबिलिटी पर 75,000 रुपये के फिक्स्ड टैक्स डिडक्शन का दावा किया जा सकता है। गंभीर डिसएबिलिटी के मामले में 1.25 करोड़ रुपये के फिक्स्ड डिडक्शन का दावा किया जा सकता है।

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