Union Budget 2023: इलेक्ट्रिक व्हीकल (Electric Vehicles) जल्द ही सस्ते होते हुए दिख सकते हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में लिथियम-ऑयन सेल वाली बैटरियों की देश में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने पर जोर दिया और इसके लिए बैटरी से जुड़े कैपिटल गुड्स/मशीनरी पर कस्टम ड्यूटी हटाने का ऐलान किया। साथ ही वित्त मंत्री ने इलेक्ट्रिक बैटरी पर सब्सिडी को भी एक और साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के और सस्ता होने का रास्ता साफ हो गया है। वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में बताया कि लिथियम-ऑयन सेल वाली बैटरियों पर रियायती कस्टम ड्यूटी दर को अगले वित्त वर्ष भी जारी रखा जाएगा।
बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन इसी लिथियम-ऑयन सेल वाली बैटरियों पर चलते हैं। इसके अलावा सरकार ने 'फेम स्कीम (FAME Scheme)' के लिए भी बजट राशि दोगुनी कर दी है।
केंद्र सरकार ने मई 2021 में पहली बार लिथियम-ऑयन सेल वाली बैटरियों के देश में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोडक्शन लिंक्ड इनसेंटिव (PLI) स्कीम का ऐलान किया था। PLI स्कीम का उद्देश्य इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े मुख्य कंपोनेंट्स के दाम घटाना था। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर जीएसटी भी 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया था।
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, "कम उत्सर्जन करने वाले यातायात के साधनों को बढ़ाना देने के लिए कैपिटल गुड्स के आयात, इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी की मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी मशीनरी के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट को बढ़ाया जा रहा है।"
सीतारमण ने बताया कि बजट 2023 में 7 मुख्य प्राथमिकताएं है। इसमें से एक प्राथमिकता हरित विकास का है, जिसके तहत क्लीन एनर्जी के इस्तेमाल को बढ़ाना देने और कार्बन फुटप्रिंट को कम करने पर जोर दिया जाएगा।