Union Budget 2023 : यूनियन बजट का असर आम आदमी के साथ साथ शेयर मार्केट पर भी देखने को मिलता है। मासिक आधार पर डेटा पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 16 में बियर मार्केट, बुल मार्केट में तब्दील हो गया। वहीं, वित्त वर्ष 18 में बुल मार्केट रैली थम गई और बजट के दिन (budget day) चाल उलट गई। दूसरी तरफ, ऐसे भी साल रहे जब बजट के दिन बाजार ने पूरी तरह सतर्कता बरती और कोई बड़ी घोषणा नहीं होने से बाजार को कोई दिशा नहीं मिल सकी
बजट 2023: देश की वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी। कई मायनों में इस बार बेहद खास होने वाला है। वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट उम्मीदों भरा हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) इस बार टैक्सपेयर्स के लिए कुछ खास इंतजाम कर सकती हैं। नए टैक्स स्लैब (New Tax Regime) से टैक्सपेयर्स खुश नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वित्त मंत्री टैक्स स्लैब
बजट 2023: देश की वित्त मंत्री 1 फरवरी को पेश करेंगी। कई मायनों में इस बार बेहद खास होने वाला है। वित्त वर्ष 2023-24 का आम बजट उम्मीदों भरा हो सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) इस बार टैक्सपेयर्स के लिए कुछ खास इंतजाम कर सकती हैं। नए टैक्स स्लैब (New Tax Regime) से टैक्सपेयर्स खुश नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि वित्त मंत्री टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती हैं।
Budget 2023 Expectations Live Updates: हाउस बिल्डिंग अलाउंस को लेकर हो सकता है बड़ा ऐलान
Budget 2023 में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउस बिल्डिंग अलाउंस (HBA) को लेकर बड़ा ऐलान होने की संभावना है। फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों को यह भत्ता घर बनाने या उसकी मरम्मत के लिए सरकार से एडवांस के तौर पर दिया दाता है। कर्मचारी इस भत्ते के तहत घर बनाने के लिए 25 लाख रुपए तक की एडवांस रकम ले सकते हैं। इसके एवज में सरकार इस पर ब्याज वसूलती है। फिलहाल हाउस बिल्डिंग अलाउंस की ब्याज दर 7.1 फीसदी है और आने वाले बजट में इस ब्याज में बढ़ोतरी की संभावना है। सूत्रों की मानें तो HBA की ब्याज दर को संशोधित कर 7.5 फीसदी किया जा सकता है और यह सीमा मौजूदा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये की जा सकती है।
वित्त मंत्री ने कहा था कि वो मिडल क्लास के दबाव को समझती हैं। ऐसे में उनके हित के बारे में आगे कदम उठाए जाएंगे। टैक्सपेयर्स कई तरह की छूट की उम्मीद कर रहे हैं। बढ़ती महंगाई की वजह से लिविंग कॉस्ट में इजाफा हुआ है। ऐसे में टैक्सपेयर्स नए टैक्स सिस्टम के तहत 2.5 लाख की इनकम छूट की सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपय होने की उम्मीद कर रहे हैं। 2.5 से 5 लाख तक की सैलरी पर 5 फीसदी और 5 से 7.5 लाख पर 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता है।
वरिष्ठ नागरिकों की उम्मीदें
जानकारों का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए मिनिमम टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 7.5 लाख रुपये की जा सकती है। अभी यह लिमिट 3 लाख रुपये है। ASSOCHAM ने बजट से पहले अपनी सिफारिश में कहा है, "80 साल से ज्यादा उम्र के सीनियर सिटीजंस की इनकम अगर 12.5 लाख रुपये तक है तो उन्हें टैक्स से छूट दी जानी चाहिए।"
400 वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान
निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में 400 सेमी-हाई-स्पीड नेक्स्ट जेनरेशन वंदे भारत ट्रेनों का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि अगले तीन साल में ये ट्रेनें चलाई जाएंगी। इस बजट में उम्मीद जताई जा रही है कि सरकार और 400 नई वंदे भारत ट्रेनें चलाने का ऐलान कर सकती है। सरकार का प्लान अभी चल रही राजधानी और शताब्दी एक्सप्रेस जैसी तेज रफ्तार वाली ट्रेनों की जगह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेनें चलाने का है। जिनकी रफ्तार 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक होगी।
इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत हर साल टैक्सपेयर्स को निवेश पर 1.5 लाख रुपये की छूट मिलती है। टैक्सपेयर्स इस लिमिट को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर बजट में सरकार इस पर फैसला करती है तो टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत मिलेगी। PPF, ELSS, NSC, NPS, बैंक FD जैसे सेविंग ऑप्शन इसी के तहत आते हैं।
सेक्शन 80D के तहत हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करने की मौजूदा सीमा 25,000 रुपये है। उम्मीद की जा रही है कि इस बार के बजट में सरकार इसे बढ़ाकर 50,000 रुपये कर देगी। इसके अलावा बुजुर्गों के लिए छूट की सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये किया जा सकता है।
इनकम टैक्स की धारा 16 (ia) के तहत सैलरीड क्लास को 50,000 रुपये की स्टैंडर्ड डिडक्शन लिमिट के तहत हर साल छूट मिलती है। सैलरीड क्लास इसमें भी बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन सीमा को 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर सकती है।