Budget 2023: ज्यादा टैक्स डिडक्शन, NPS को आकर्षक बनाने ... से निवेशकों को मिलेगी बड़ी राहत

पिछले कई सालों से सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट 1.5 लाख रुपये है। इस डिडक्शन का लाभ उठाने के लिए निवेश के माध्यमों की जो लिस्ट है, वह बहुत लंबी है

अपडेटेड Dec 05, 2022 पर 11:15 AM
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फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह उनका पांचवां बजट होगा।

Budget 2023: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट (Union Budget) पेश करेंगी। इस बजट से म्यूचुअल फंड के निवेशकों को काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि अगर बजट में टैक्ट डिडक्शन (Tax Deduction) की लिमिट बढ़ा दी जाए और इनकम टैक्स से थोड़ी राहत मिल जाए तो उन्हें बहुत फायदा होगा। Axion Financial Services के फाउंडर और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक छाबड़िया का कहना है कि इनवेस्टर टैक्स से जुड़े कानूनों में स्थिरता पसंद करते हैं। इसलिए सरकार को इनमें बड़े बदलाव नहीं करने चाहिए। लेकिन, सरकार को टैक्स से जुड़े नियमों को आसान बनाने की जरूरत है। इससे इनवेस्टमेंट बढ़ाने में मदद मिलेगी।

सरकार को इनफ्लेशन से राहत के उपाय करने चाहिए

इनफ्लेशन करीब एक साल से हाई लेवल पर है। माना जा रहा है कि यह अभी कुछ और समय तक हाई बना रहेगा। सरकार को इस बात को ध्यान में रख इनवेस्टर्स को राहत देने के उपाय करने चाहिए। इससे लंबे समय से महंगाई से त्रस्त आम लोगों को राहत मिलेगी।


80सी के तहत डिडक्शन लिमिट बढ़ाने की जरूरत

पिछले कई सालों से सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन की लिमिट 1.5 लाख रुपये है। इस डिडक्शन का लाभ उठाने के लिए निवेश के माध्यमों की जो लिस्ट है, वह बहुत लंबी है। इसमें EPF, PPF, Sukanya Samriddhi Yojana, ELL, NSC, Tax Saving Bank Fixed Deposit, life insurance premium और होम लोन प्रिंसिपल रिपेमेंट शामिल हैं। इसलिए वित्त मंत्री निर्माल सीतामरण को इस बजट में डिडिक्शन की इस लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है।

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80सी की लिमिट को इनफ्लेशन से जोड़ने से फायदा

फाइनेंशियर एडवायजरी फर्म फिसडम के रिसर्च हेड नीरव कारकेरा ने कहा कि सेक्शन 80सी की बहुत पहले तय की गई लिमिट को बढ़ाने की जरूरत है। लोगों की इनकम बढ़ी है, सेविंग्स के मौके बढ़े हैं और इनवेस्टमेंट की तरफ लोगों का रुझान बढ़ा है। इसलिए इस लिमिट को बढ़ाने में अब देर करना ठीक नहीं है। कुछ एक्सपर्ट्स का यह भी मानना है कि सेक्शन 80सी की लिमिट को इनफ्लेशन से जोड़ देना ठीक रहेगा। इससे सेविंग्स और इनवेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा।

NPS को और अट्रैटक्विट बनाने से होगा फायदा

ज्यादातर परिवारों के लिए सोशल सिक्योरिटी एक अहम मसला है। हालांकि, सरकार ने नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) शुरू की है। इस स्कीम को लोकप्रिय बनाने के लिए टैक्स छूट भी दी गई है। एनपीएस में एक फाइनेंशियल ईयर में 50,000 रुपये के कंट्रिब्यूशन पर सेक्शन 80सीसीडी1(बी) के तहत टैक्स डिडक्शन मिलता है। जब कुछ राज्य सरकारों ने ओल्ड पेंशन स्कीम को फिर सा लागू करने का ऐलान किया है तब सरकार को एनपीएस को अट्रैक्टिव बनाने के उपाय करने चाहिए।

1 फरवरी को पेश होगा यूनियन बजट

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह उनका पांचवां बजट होगा। यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब इनफ्लेशन पिछले एक साल से हाई बना हुआ है। उधर, ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वित्त मंत्री पर ग्रोथ बढ़ाने के उपायों के साथ ही आम लोगों को महंगाई से राहत देने के उपाय करने होंगे।

 

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