Budget 2023: इंश्योरेंस कंपनियों से जुड़े स्टॉक्स को तगड़ा झटका लगा है। दरअसल, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट में नए टैक्स रीजीम (new tax regime) को बढ़ावा देने के लिए कई ऐलान किए हैं, जिसमें डिडक्शंस का लाभ लेने की मंजूरी नहीं है। सरकार ने यह भी ऐलान किया है कि वह कुछ मामलों में कटौती अनुमति नहीं देगी। सीतारमण ने कहा कि बहुत ऊंची वैल्यू वाली बीमा पॉलिसी (insurance policies) से होने वाली आय पर मिलने वाले इनकम टैक्स एग्जम्प्शन (income tax exemption) को सीमित किया जाना है।
इंश्योरेंस स्टॉक्स में 14 फीसदी तक गिरावट
LIC के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। दोपहर 2.30 बजे शेयर बीएसई पर 5.35 फीसदी कमजोर होकर 618.65 रुपये पर कारोबार कर रहा है। वहीं एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस (SBI Life Insurance) का शेयर 10 फीसदी गिरकर 1,097.95 रुपये पर, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ 9.88 फीसदी गिरकर 407.50 रुपये पर और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस का शेयर 11 फीसदी गिरकर 515 रुपये के स्तर पर बना हुआ है।
वहीं, जनरल इंश्योरेंस (General Insurance) का शेयर 14 फीसदी गिरकर 158 रुपये और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस 1 फीसदी गिरकर 1,120 रुपये पर कारोबार कर रहा है।
बजट के इस प्रस्ताव से लगा झटका
बजट में कहा गया कि 1 अप्रैल, 2023 को या उसके बाद जारी लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसीज (यूलिप को छोड़कर) जिनका कुल प्रीमियम 5 लाख रुपये से ज्यादा है, उनमें ऐसी पॉलिसीज से होने वाली इनकम को ही छूट दी जाएगी जिनमें कुल प्रीमियम 5 लाख रुपये तक है।
बजट डॉक्युमेंट में कहा गया कि इससे उस धनराशि पर मिलने वाला टैक्स एग्जम्प्शन प्रभावित नहीं होगा जो बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर मिलता है। साथ ही इससे वे इंश्योरेंस पॉलिसी भी प्रभावित नहीं होंगी, जो 31 मार्च 2023 से पहले जारी हुई हैं।
इस सेक्टर पर नजर रखने वाले एनालिस्ट्स ने कहा कि नए टैक्स सिस्टम को बढ़ावा देने का सरकार का फैसला इंश्योरेंस कंपनियों के बिजनेस को हतोत्साहित करने वाला होगा। कई टैक्सपेयर्स इंश्योरेंस पॉलिसी को सिर्फ सेक्शन 80 सी के डिडक्शन का लाभ लेने के लिए खरीदते हैं।
डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।