Budget 2023: GIFT City को सिंगापुर और दुबई जैसा फाइनेंशियल हब बनाने के उपाय करेंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Budget 2023: अहमदाबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 20 मिनट में गिफ्ट सिटी पहुंच जा सकता है। यह 880 एकड़ में फैली हुई है। सिटी के अंदर दाखिल होते है ग्लास की दीवार वाले ऊंचे टावर दिखने लगते हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल कंपनियों के ऑफिस हैं। इस सिटी में दो इंटरनेशनल स्टॉक एक्सचेंज, एक बुलियन एक्सचेंज और 23 इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट्स हैं

अपडेटेड Dec 16, 2022 पर 10:00 AM
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GIFT City का ऐलान 2008 में हुआ था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के चीफ मिनिस्टर थे। सरकार का प्लान गिफ्ट सिटी को ट्रेड और बिजनेस के ग्लोबल फाइनेंशियल ट्रेड हब के रूप में विकसित करने का था।

Budget 2023: गुजरात में अहमदाबाद और गांधीनगर के बीच स्थित GIFT City इंडिया के पहले ऑपरेशनल स्मार्ट सिटी के रूप में सामने आया है। इस सिटी में कई देशी और विदेशी फाइनेंशियल कंपनियों के ऑफिस हैं। इनमें SBI, HDFC Bank, Standard Chartered, Kotak Mahindra Bank और देश का पहला इंटरनेशनल बुलियन एक्सचेंज (International Bullion Exchange) शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर पिछले पांच सालों में यहां आए हैं। हालांकि, इसे सिंगापुर और दुबई जैसे दुनिया के बड़े फाइनेंशियल हब बनाने के लिए अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले यूनियन बजट (Union Budget 2023) में इसके लिए उपायों का ऐलान कर सकती हैं।

880 एकड़ में फैली है GIFT City

अहमदाबाद के इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 20 मिनट में गिफ्ट सिटी पहुंच जा सकता है। यह 880 एकड़ में फैली हुई है। सिटी के अंदर दाखिल होते है ग्लास की दीवार वाले ऊंचे टावर दिखने लगते हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी फाइनेंशियल कंपनियों के ऑफिस हैं। इस सिटी में दो इंटरनेशनल स्टॉक एक्सचेंज, एक बुलियन एक्सचेंज और 23 इंटरनेशनल बैंकिंग यूनिट्स हैं।


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रोजाना 20,000 लोग सिटी में काम करने आते हैं

रोजाना 20,000 लोग काम करने के लिए इस सिटी में दाखिल होते हैं। शहर के अंदर चलने वाली इलेक्ट्रिक बसें उन्हें उनके ऑफिस तक पहुंचाती हैं। इस सिटी में सबसे पहले ऑफिस शुरू करने वाली कंपनियों में Infibeam शामिल है, जिसके करीब 650 एंप्लॉयीज हैं। इंफीबीम के फाउंडर विशाल मेहता ने बताया कि जब 2016-17 में उनकी कंपनी यहां आई थी तो यहां ज्यादा कुछ नहीं था। सिर्फ दो टावर थे। NSE और BSE भी नहीं थे। यहां ज्यादातर कंपनियां पिछले पांच साल में आई हैं। 90 के दशक में दुबई का भी यहीं हाल था।

2008 में हुआ था गिफ्ट सिटी का ऐलान

GIFT City का ऐलान 2008 में हुआ था। तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के चीफ मिनिस्टर थे। सरकार का प्लान गिफ्ट सिटी को ट्रेड और बिजनेस के ग्लोबल फाइनेंशियल ट्रेड हब के रूप में विकसित करने का था। सरकार का विजन था कि गिफ्ट सिटी कंपनियों को लाल फिताशाही और जरूरत से ज्यादा कंप्लायंस से छुटकारा दिलाएगी। इस सिटी में कैपिटल मार्केट्स, ऑफशोर बैंकिंग, ऑफशोर एसेट मैनेजमेंट, ऑफशोर इंश्योरेंस, आईटी सर्विसेज, ITeS/BPO सर्विसेज और एंसिलियरी सर्विसेज अट्रैक्ट करने का प्लान था।

देश का पहला ऑपरेशन समार्ट सिटी

पिछले कुछ सालों में सरकार ने GIFT City में कंपनियों को आकर्षित करने के लिए कई तरह के उपायों के एलान किए हैं। इसके नतीजे सामने आए हैं। यह देश में पहले स्मार्ट सिटी के रूप में सामने आई है। केंद्र सरकार ने भी गिफ्टी सिटी को विकसित करने में काफी मदद की है। हर साल यूनियन बजट में इस सिटी के लिए उपायों के ऐलान किए गए हैं। विदेशी यूनिवर्सिटीज भी यहां अपने कैंपस खोलने के लिए बातचीत कर रही हैं। माना जा रहा है कि इससे गिफ्ट सिटी के आउटलुक में बदलाव आएगा।

लीलावती हॉस्पिटल की मेडिकल सर्विसेज भी शुरू होगी

मुंबई का मशहूर लीलावती हॉस्पिटल गिफ्ट सिटी में अपना हॉस्पिटल शुरू करने जा रहा है। बच्चों के लिए जमनबाई नरसी स्कूल भी इस सिटी में खुल चुका है। यह सिटी इंडिया में एयरक्राफ्ट लीजिंग के हब के रूप में भी विकसित हो रही है। एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग की सुविधाएं यहां शुरू हो चुकी हैं। IFSC Authority बनने के बाद से स्टॉक ट्रेडिंग का वॉल्यूम काफी बढ़ा है। 2020 में बुलियन एक्सचेंज शुरू हो चुका है। 75 ज्वेलर्स को सीधे एक्सचेंज के जरिए गोल्ड इंपोर्ट करने की इजाजत दी गई है। जल्द यह संख्या बढ़कर 110 तक पहुंच जाने की उम्मीद है।

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