Budget 2023: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को बजट पेश करेंगी। यह बजट 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पेश होने वाला आखिरी पूर्ण बजट होगा। बजट से पहले इंडस्ट्री, कारोबारी, निवेशक, टैक्सपेयर्स, किसान सहित सभी ने अपनी मांगें फाइनेंस मिनिस्टर को बताई हैं। कोविड की महामारी ने मिडिल क्लास को बहुत चोट पहुंचाई है। अब टैक्सपेयर्स को उम्मीद है कि बजट में वित्त मंत्री उन्हें राहत देने के उपाय कर सकती हैं। अब सेविंग और इंश्योरेंस की जरूरत पहले से ज्यादा बढ़ गई है। मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स सरकार से इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। वित्तमंत्री को टैक्सेबल इनकम की लिमिट भी बढ़ानी चाहिए।
टैक्स दरों में किया जाए बदलाव
सरकार ने पर्सनल इनकम टैक्स की दरों में 2017-18 के बाद से कोई बदलाव नहीं किया है। कोविड के बाद इंश्योरेंस पर होने वाला खर्च बढ़ा है। वित्तमंत्री से उम्मीद है कि वह इनकम टैक्स के सेक्शन 80C के तहत मिलने वाली 1.50 लाख के डिडक्शन को बढ़ाकर 2 लाख या 2.50 लाख रुपये तक करेंगी। मिडिल क्लास की यह मांग काफी समय से पेंडिंग है।
टैक्स छूट के लिए इनकम की लिमिट बढ़ाया जाए
सरकार को इस बार इनकम टैक्स छूट के लिए सालाना इनकम की लिमिट बढ़ाने की जरूरत है। अभी 2.5 लाख रुपये तक की सालाना आय को इनकम टैक्स से छूट मिली हुई है। सरकार को इस लिमिट को बढ़ाकर 5 लाख रुपये करना चाहिए। सरकार के इस कदम से सैलरी क्लास को काफी राहत मिलेगी। मिडिल क्लास पहले से अधिक सेविंग कर पाएगा। साथ ही कैपिटल मार्केट्स में इनवेस्टमेंट को बढ़ावा देने वाले लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस (LTCG) टैक्स को कम किया जाना चाहिए।
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होम लोन के इंटरेस्ट पर मिलने वाली छूट बढ़े
इनकम टैक्स के सेक्शन 24B के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर एक फाइनेंशियल ईयर में 2 लाख रुपये तक की डिडक्शन मिलती है। इसे बढ़ाए जानें की जरूरत है। इसे बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक किया जाना चाहिए। साथ ही होम लोन के प्रिंसिपल को 80C से बाहर किया जाना चाहिए। प्रिंसिपल पर अलग केटेगरी में छूट मिलनी चाहिए। आज घर एक बेसिक जरूरत है। इस पर छूट बढ़ाई जाने की जरूरत है।
(डॉ समीर कपूर पर्सनल फाइनेंस के इंडिपेंडेंट कंसल्टेंट हैं)