Budget 2023: केंद्र सरकार शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री (Ship Building Industry) को बढ़ावा देना चाहती है। इसका ऐलान इस बार बजट में हो सकता है। सरकार सब्सिडी देना चाहती है ताकि कम से कम 50 नए जहाज बनाए जा सकें। साथ ही शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री को 'इंफ्रास्ट्रक्चर स्टेटस' (Infrastructure for ship building industry) देने का भी प्लान है। इससे शिप बिल्डिंग के लिए बैंकों से लोन मिलना आसान हो जाएगा। मामले से जुड़े सरकारी अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि 10000 करोड़ रुपये के एक मेरीटाइम डेवलपमेंट फंड (Maritime development fund) का ऐलान भी हो सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाले यूनियन बजट में इन उपायों का ऐलान कर सकती हैं। वह 1 फरवरी को फाइनेंशियल ईयर 2023-24 का यूनियन बजट पेश करेंगी।
शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री ने कई रियायतों की मांग की है
इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारी ने बताया कि अभी बजट को लेकर विचार-विमर्श की प्रक्रिया जारी है। इस वजह से शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री के लिए प्रस्तावित उपायों में अंतिम वक्त में बदलाव आ सकता है। इस बारे में ज्यादा जानकारी मांगने पर फाइनेंस मिनिस्ट्री ने देने से इनकार कर दिया। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) और शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री ने सरकार से कई तरह की रियायतों की मांग की है।
फ्रेट रेट में आया है उछाल
पिछले साल इंडिया के एक्सपोर्टर्स और इंपोर्टर्स को किराए के रूप में करीब 100 अरब डॉलर चुकाने पड़े। FIEO के डायरेक्टर जनरल अजय सहाय ने कहा कि यह अमाउंट तीन साल पहले के मुकाबले करीब दोगुना है। इंपोर्ट और एक्सपोर्ट दोनों ही बढ़ने से फ्रेट रेट्स में उछाल आया है। फ्रेट रेट बढ़ने का प्रोडक्ट्स की कीमतों पर भी असर पड़ता है। पहले से ही महंगाई हाई लेवल पर होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
अभी शिप बनाने वाली कंरीब 35 कंपनियां है
अभी इंडिया में करीब 35 कंपनियां हैं, जो शिप बनाती हैं। इनमें कुछ सरकारी कंपनियां भी हैं। इंडिया के मेरीटाइम फ्रेट इंडस्ट्री में करीब 1,500 जहाज हैं, जिनकी कुल ढुलाई कैपेसिटी करीब 1.3 करोड़ टन है। इंडिया में शिप बिल्डिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलने से कई फायदे होंगे। इस इंडस्ट्री में रोजगार के मौके बढ़ेंगे। देश में जहाजों की उपलब्धता बढ़ेगी।
मुश्किल समय में आ रहा है यह बजट
फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह उनका पांचवां बजट होगा। यह बजट ऐसे समय आ रहा है, जब इनफ्लेशन पिछले एक साल से हाई बना हुआ है। उधर, ग्लोबल इकोनॉमी पर मंदी का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में वित्त मंत्री पर इकोनॉमी ग्रोथ बढ़ाने, रोजगार के मौके पैदा करने के उपायों के साथ ही आम लोगों को महंगाई से राहत देने के उपाय करने होंगे।