Budget 2023: बजट 2023 में कुछ कृषि योजनाओं के लिए इंसेटिव की घोषणा की जा सकती है। सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Cards) जैसी कुछ योजनाओं की समीक्षा कर सकती है। छोटे और हाशिये पर रहने वाले किसानों की मदद करने के लिए इसअधिक प्रभावी बना सकती है। इसको ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इसमें की कुछ कमियों को दूर कर सकती है। हाल ही में एक रिपोर्ट में एसबीआई रिसर्च (SBI Research) ने कहा कि केसीसी लोन (KCC loans) के रिनीवल के लिए ब्याज का भुगतान पर्याप्त होना चाहिए।
"केसीसी लोन्स के रिनीवल के लिए ब्याज सहायता राशि (interest subvention) सुनिश्चित करने के लिए मूलधन और ब्याज दोनों के भुगतान की आवश्यकता होती है। यह प्रस्तावित किया जा सकता है कि छोटे और हाशिये पर रहने वाले किसानों के लिए 3 लाख रुपये तक की राशि के केसीसी लोन्स के रिनीवल के लिए ब्याज का भुगतान करने की शर्त होनी चाहिए।" ऐसा रिपोर्ट में कहा गया है।
केसीसी में कृषि और संबद्ध गतिविधियों के लिए बैंकों द्वारा 15.9 लाख करोड़ रुपये के बकाया लोन का 60% शामिल है। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि 2023-24 के यूनियन बजट (Union Budget for 2023-24) में कृषि के लिए क्रेडिट गारंटी योजना (credit guarantee scheme) पर भी विचार किया जाएगा।
मनीकंट्रोल (moneycontrol) से बात करते हुए एसबीआई बैंक के पूर्व चेयरमैन रजनीश कुमार (SBI Bank chairman, Rajnish Kumar) ने कहा कि सरकार को किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं में सुधार करना चाहिए। इन योजनाओं एनपीए बढ़ रहा है।
“किसान क्रेडिट कार्ड योजना का पुनरावलोकन किये जाने की आवश्यकता है। यह योजना पुरानी है और उच्च एनपीए (NPA (non-performing asset) की ओर ले जाती है।” ऐसा रजनीश कुमार ने कहा।
हाल ही में वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) के अधीन वित्तीय सेवा विभाग (Department of Financial Services) के सचिव डॉ. विवेक जोशी (Dr Vivek Joshi) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रमुखों से कहा था कि वे किसानों द्वारा केसीसी तक पहुंच बढ़ाने के लिए पीएम किसान डेटाबेस (PM Kisan database) प्राप्त करें।