सरकार जुलाई में पेश होने वाले बजट में फाइनेंशियल ईयर 2024-25 की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ा सकती है। बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट में यह बताया गया है। सरकार ने 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में नॉमिनिल जीडीपी ग्रोथ के लिए 10.5 फीसदी का टारगेट तय किया था। सरकार इसे बढ़ाकर 10.5-11 फीसदी कर सकती है।
बीते 10 साल में सात बार ज्यादा अनुमान लगाया गया
नॉमिनल जीडीपी का कैलकुलेशन करेंट मार्केट प्राइसेज पर होता है। नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ का अनुमान ज्यादा रहने पर सरकार को फिस्कल डेफिसिट कंट्रोल में बनाए रखने में मदद मिलेगी। पिछले दशक के डेटा देखने से पता चलता है कि बजट में सात बार नॉमिनल जीडीपी का ज्यादा अनुमान लगाया गया, जबकि तीन बार कम अनुमान लगाया गया। 2019 में हुए लोकसभा चुनावों के बाद जुलाई में फुल बजट पेश किया गया था। इसमें नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ के अनुमान को बढ़ाकर 12 फीसदी (अंतरिम बजट में 11.5%) कर दिया गया था।
FY15 में नहीं बढ़ाया था ग्रोथ का अनुमान
इसके उलट 2014 में पेश फुल बजट में नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट के अनुमान में बदलाव नहीं किया गया था। इसे 13.4 फीसदी पर बनाए रखा गया था। तब लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में एनडीए की सरकार बनी थी। इस सरकार ने जुलाई में फाइनेंशियल ईयर 2024-15 का फुल बजट पेश किया था।
अंतरिम बजट में नॉमिनल ग्रोथ के अनुमान
हाल में आरबीआई ने फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में इकोनॉमी की ग्रोथ के अपने अनुमान में बदलाव किया है। उसने अनुमान को बढ़ाकर 7.2 फीसदी कर दिया है। पहले उसने FY25 में इकोनॉमिक ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान लगाया था। इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में FY24 में नॉमिनल जीडीपी 296.6 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया था। FY25 के लिए यह अनुमान 327.7 लाख करोड़ रुपये था।
10.95 फीसदी रह सकता है ग्रोथ रेट
सरकार ने बाद प्रोविजनल जीडीपी के अनुमान में संशोधन के आधार पर FY24 के एडजस्टेड नॉमिनल जीडीपी के डेटा जारी किए। इसमें नॉमिनल जीडीपी को घटाकर 295.4 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया। अगर वित्तमंत्री यूनियन बजट में FY25 के नॉमिनल जीडीपी के अनुमान में बदलाव नहीं करती हैं तो इसका मतलब है कि ग्रोथ रेट 10.95 फीसदी रहेगा। अगले महीने के तीसरे हफ्ते में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट करने की उम्मीद है।