रियल्टी सेक्टर 2024 में सबसे ज्यादा प्रदर्शन करने वाले सेक्टर में शामिल है। घरों की अच्छी मांग से रियल्टी कंपनियों का कैश फ्लो बढ़ा है। इससे उनकी बैलेंसशीट मजबूत हुई है। इससे रियल्टी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। कुछ कंपनियों के स्टॉक्स ऑल-टाइम हाई या कई साल के हाई पर पहुंच गए हैं। इस साल निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 48 फीसदी चढ़ा है। रियल एस्टेट कंपनियों से जुड़े ऐक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यूनियन बजट में रियल्टी सेक्टर के लिए बड़े ऐलान होते हैं को रियल्टी शेयरों में तेजी जारी रह सकता है।
रियल्टी सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा मिलना चाहिए
रियल्टी कंपनियों को बजट से काफी उम्मीदें हैं। उनका कहना है कि सरकार को रियल्टी सेक्टर को इंडस्ट्री का दर्जा देना चाहिए। इससे रियल्टी कंपनियों को फंड जुटाने में आसानी होगी। इस सेक्टर में विदेशी निवेश बढ़ेगा। इससे लिक्विडिटी बढ़ेगी। साथ ही रियल्टी कंपनियों की प्रोजेक्ट्स पूरे करने की क्षमता भी बढ़ेगी। पिछले कई सालों के बाद रियल्टी सेक्टर में रौनक लौटी है। इस सेक्टर पर कोविड की महामारी की काफी ज्यादा मार पड़ी थी।
सीएलएसएस दोबारा शुरू होनी चाहिए
रियल्टी कंपनियों का यह भी कहना है कि सरकार को SWAMIH स्कीम के तहत अतिरिक्त फंड का ऐलोकेशन करना चाहिए। प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के तहत क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) भी दोबारा शुरू करने की जरूरत है। अगर सरकार एफोर्डेबल हाउसिंग की परिभाषा बदलती है और कीमत की सीमा बढ़ाती है तो इससे घर खरीदने वाले लोगों को काफी फायदा होगा।
इनकम टैक्स में राहत से घरों की मांग बढ़ेगी
इनकम टैक्स में राहत के उपायों का भी रियल्टी सेक्टर पर अच्छा असर पड़ेगा। सरकार को मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाना चाहिए। इससे लोगों के हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। इससे उनके लिए अपने घर का सपना पूरा करना आसान हो जाएगा। साथ ही सरकार को होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन बढ़ाना चाहिए। अभी होम लोन के इंटरेस्ट पर 2 लाख रुपये डिडक्शन की इजाजत है। यह टैक्स बेनेफिट इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में मिलती है। इस डिडक्शन को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। सरकार को होम लोन के प्रिंसिपल पर टैक्स छूट अलग सेक्शन के तहत देना चाहिए। अभी यह सेक्शन 80सी के तहत मिलती है। इस सेक्शन के तहत करीब एक दर्जन इनवेस्मेंट ऑप्शन आते हैं।
इन कंपनियों के शेयरों में आ सकती है तेजी
एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि अगर बजट में सरकार का फोकस रियल्टी सरकार पर रहता है तो इससे कई रियल्टी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है। इनमें Prestige Estates, Macrotech Developers और Godrej Properties शामिल हैं। अनंत राज, एमआईसीएल और TARC के शेयरों में भी तेजी दिख सकती है। फिसडम का कहना है कि डीएलएफ, गोदरेज प्रॉपर्जी और ओबेरॉय रियल्टी के शेयरों में उछाल दिख सकता है।