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India Budget 2024: कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों को आसान बनाने से निवेश में बढ़ेगी लोगों की दिलचस्पी

Union Budget 2024: अभी इंडिया में कैपिटल गेंस टैक्स के नियम काफी जटिल हैं। अलग-अलग एसेट क्लास के लिए टैक्स के रेट्स अलग-अलग हैं। साथ ही होल्डिंग पीरियड भी अलग-अलग हैं। इससे इनवेस्टर्स अक्सर कन्फ्यूज कर जाते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 05, 2024 पर 12:30 PM
India Budget 2024: कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों को आसान बनाने से निवेश में बढ़ेगी लोगों की दिलचस्पी
विदेश में कैपिटल गेंस टैक्स के नियम अलग हैं। कुछ एसेट्स पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स नहीं लगता है, जबकि कुछ पर कम रेट से टैक्स लगता है।

इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (आईएमएफ) ने 2024 और 2025 में इंडियन इकोनॉमी की ग्रोथ 6.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है। इससे यह दुनिया में सबसे ज्यादा ग्रोथ वाली इकोनॉमी है। 10 साल पहले इंडियन इकोनॉमी दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी थी। आज यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी है। इसके 2030 तक जर्मनी और जापान को पीछे छोड़ दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाने की उम्मीद है। तब सिर्फ अमेरिका और चीन की इकोनॉमी इंडिया से बड़ी रह जाएंगी। 25 साल में इंडियन इकोनॉमी 26 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। तब इंडिया में प्रति व्यक्ति जीडीपी 15,000 डॉलर से ज्यादा हो जाएगा। यह अभी के मुकाबले छह गुना होगा।

आज मार्केट में निवेश के कई विकल्प

इकोनॉमी की ग्रोथ के साथ लोगों की खर्च करने वाली इनकम (disposable Income) बढ़ रही है। इससे सेविंग्स और इनवेस्टमेंट भी बढ़ा है। सरकार ने प्रधानमंत्री जनधन योजना जैसी स्कीमों के जरिए फाइनेंशियल इनक्लूजन पर फोकस बढ़ाया है। इससे आबादी का बड़ा हिस्सा फाइनेंशियल सिस्टम का हिस्सा बना है। उसकी पहुंच बैंकिंग सर्विसेज और इनवेस्टमेंट प्रोडक्ट्स तक बढ़ी है। साथ ही इंडियन फाइनेंशियल मार्केट्स में म्यूचुअल फंड्स, ETF, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स जैसे नए प्रोडक्ट्स मार्केट में आए हैं। इससे इनवेस्टर्स को अपने इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन के लिए कई विकल्प मिले हैं। पिछले कुछ सालों से इनवेस्टर्स फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज के दायरे से बाहर निकल रहे हैं।

कैपिटल गेंस टैक्स के नियम अलग-अलग

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