Budget 2024-25: जेएम फाइनेंशियल को इंफ्रा, डिफेंस, रेलवे सेक्टर पर फोकस रहने की उम्मीद, इन शेयरों में दिख सकती है तेजी

India Budget 2024: जेएम फाइनेंशियल ने कहा है कि अगर सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस बढ़ाती है तो इसका असर ऑटो सहित कई सेक्टर की कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है। उधर, इंफ्रा और डिफेंस पर फोकस से एचएल, बीईएल जैसी कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखेगी

अपडेटेड Jul 21, 2024 पर 10:01 PM
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सरकार के हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने वाले उपायों का ऐलान करने की भी उम्मीद है। इसका असर Aavas Financiers, Home First और इंडिया शेल्टर जैसी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

यूनियन बजट में सरकार की कोशिश फिस्कल डेफिसिट, पूंजीगत खर्च और इकोनॉमिक ग्रोथ के उपायों के बीच संतुलन बैठाने की होगी। सरकार का फोकस वेल्फेयर स्कीम पर भी हो सकता है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने यह उम्मीद जताई है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को लोकसभा में बजट पेश करेंगी। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि सरकार का फोकस अपनी वित्तीय स्थिति ठीक करने पर बना रहेगा। साथ ही सरकार पूंजीगत खर्च के जरिए इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार बनाए रखने की कोशिश कर सकती है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर हो सकता है फोकस

पिछले कुछ सालों में पूंजीगत खर्च खासकर इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे, बंदरगाह, सड़क आदि पर खर्च बढ़ाया है। जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए बजट में उपाय किए जा सकते हैं। साथ ही रोजगार के मौके बढ़ाने वाले उपायों पर बजट (Union Budget) में फोकस दिख सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने के लिए बजट में उपायों के ऐलान की भी उम्मीद जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों से पहले से कहा था कि तीसरी बार सरकार में आने पर उनका टारगेट 2027 तक भारत को विकसित देश बनाना होगा।


इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और रेलवे पर रहेगा जोर

सरकार ने इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में पूंजीगत खर्च के लिए 11.1 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। साथ ही फिस्कल डेफिसिट का टारगेट 5.1 फीसदी रखा था। जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि फुल बजट में सरकार अंतरिम बजट के टारगेट में बदलाव नहीं करेगी। सरकार का फोकस भी पहले की तरह डिफेंस, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बना रहेगा। इस बार आरबीआई से मिले बंपर डिविडेंड से सरकार का हौसला बुलंद है। अंतरिम बजट के वक्त स्थिति इससे अलग थी।

फर्टिलाइजर सब्सिडी बढ़ने की उम्मीद नहीं

जेएम फाइनेंशियल का मानना है कि सरकार ने अंतरिम बजट में फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया था। इसमें किसी तरह का बदलाव होने की उम्मीद नहीं। सरकार का फोकस फर्टिलाइजर इंपोर्ट बिल को घटाने पर भी बना रहेगा। इस उम्मीद से पिछले छह महीनों से फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में अच्छी तेजी दिखी है। बजट में संभावित उपायों से चंबल फर्टिलाइजर्स, सुमिटोमो केमिकल, कोरोमंडल इंटरनेशनल जैसी फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है।

कंजम्प्शन से जुड़े शेयरों में दिख सकती है तेजी

सरकार के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस बढ़ाने का फायदा महिंदा और महिंद्रा और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियों को मिल सकता है। इसकी वजह है कि ग्रामीण इलाकों में लोगों की इनकम बढ़ने से लोग गाड़ी खरीदने में दिलचस्पी दिखाएंगे। इसका पॉजिटिव असर ऑटो कंपनियों के स्टॉक्स पर पड़ेगा। सरकार के हाउसिंग सेक्टर को बढ़ावा देने वाले उपायों का ऐलान करने की भी उम्मीद है। इसका असर Aavas Financiers, Home First और इंडिया शेल्टर जैसी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

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रेलवे और डिफेंस शेयरों की बढ़ सकती है चमक

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि इंफ्रास्ट्रक्चर खासकर रेलवे के लिए ऐलोकेशन बढ़ता है तो IRCON, Titagarh Rail, RVNL जैसी कंपनियों के शेयरों की चमक बढ़ सकती है। इसके अलावा डिफेंस ऐलोकेशन बढ़ने की उम्मीद से BEL, HAL सहित इस सेक्टर की कई कंपनियों के शेयरों में तेजी दिख सकती है।

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