Interim Budget 2024 : सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) का 5.3 फीसदी टारगेट तय कर सकती है। इकोनॉमिस्ट्स के बीच हुए सर्वे से यह जानकारी मिली है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को केंद्रीय बजट (Union Budget) पेश करेंगी। फिस्कल डेफिसिट का टारगेट कम तय होने से सरकार को बाजार से कम कर्ज लेना होगा। अगर सरकार अगले वित्त वर्ष के लिए फिस्कल डेफिसिट का 5.3 फीसदी का टारगेट तय करती है तो यह इस वित्त वर्ष के टारगेट से 0.60 फीसदी कम होगा। उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष का फिस्कल डेफिसिट 5.9 फीसदी के टारगेट को पार नहीं करेगा। हालांकि, सरकार का एक्सपेंडिचर ज्यादा रहने की संभावना है। लेकिन, टैक्स कलेक्शन में अच्छी ग्रोथ से सरकार को मदद मिली है।
बजट 2024 में 5.3 फीसदी टारगेट तय होने की उम्मीद
बैंक ऑफ अमेरिकी सिक्योरिटीज में इंडिया इकोनॉमिस्ट आस्था गुडवानी ने कहा, "चुनावी साल में फिस्कल मामलों में थोड़ी ढिलाई आ सकती है। लेकिन, हमें उम्मीद है कि सरकार इस वित्त वर्ष में फिस्कल डेफिसिट के 5.9 फीसदी टारगेट को हासिल कर लेगी। हमें चुनावों के दबाव के बावजूद फिस्कल डेफिसिट का टारगेट अगले वित्त वर्ष में 5.3 फीसदी तय होने की उम्मीद है।" अप्रैल-मई में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं। इसलिए यह वोट ऑन अकाउंट होगा। सरकार का पूर्ण बजट लोकसभा चुनावों के बाद आएगा। लोकसभा चुनावों के बाद जो नई सरकार बनेगी वह पूर्ण बजट पेश करेगी। इसके जुलाई में आने की संभावना है।
सरकार का 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट 4.5 फीसदी पर लाने का लक्ष्य
नोमुरा की इकोनॉमिस्ट्स सोनल वर्मा और ओरोदीप नंदी के मुताबिक, अप्रैल-मई में लोकसभा चुनावों से पहले 1 फरवरी को अंतरिम बजट होगा। उन्होंने बताया, "हमने पिछले दो अंतरिम बजट में देखा है कि अंतरिम बजट और पूर्ण बजट में फिस्कल के टारगेट एकसमान रहते हैं। इसलिए हमें इस बार भी पूर्ण बजट में सरकार के फिस्कल से जुड़े टारगेट नहीं बदलने की उम्मीद है।" सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट को कम कर 4.5 फीसदी तक लाने का टारगेट तय किया है। अगर सरकार इस मीडियम टर्म टारगेट को हासिल करना चाहती है तो उसे अगले वित्त वर्ष के फिस्कल डेफिसिट का टारगेट घटाना होगा।
अभी से फिस्कल डेफिसिट घटाने पर करना होगा फोकस
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की इकोनॉमिस्ट्स निखिल गुप्ता और तनिषा लाढा ने कहा कि अगर सरकार फिस्कल डेफिसिट के लिए जीडीपी का 5.2 फीसदी टारगेट तय करती है तो सरकार को वित्त वर्ष 2025-26 में 4.5 फीसदी के टारगेट को हासिल करने में आसानी होगी। अगर सरकार 5.2 फीसदी या 5.3 फीसदी का टारगेट तय करती है तो फिर वित्त वर्ष 2025-26 के 4.5 फीसदी टारगेट को एक साल आगे बढ़ाना होगा। चूंकि अभी इकोनॉमिक ग्रोथ बहुत स्ट्रॉन्ग है, इसलिए यह सरकार के लिए फिस्कल कंसॉलिडेशन पर फोकस करने का सबसे अच्छा समय है।