यूनियन बजट पेश होने में 24 घंटे से कम समय रह गया है। 23 जुलाई को दिन में 11 बजे वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट से सबसे ज्यादा उम्मीदें टैक्सपेयर्स को हैं। टैक्सपेयर्स का मानना है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई काफी बढ़ी है। इससे उनके घर का बजट बिगड़ गया है। सरकार अगर इनकम टैक्स में राहत का ऐलान करती है तो उन्हें काफी राहत मिलेगी। उम्मीद है कि निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को टैक्सपेयर्स के लिए कई बड़े ऐलान करेंगी। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।
टैक्स एग्जेम्प्शन लिमिट में बदलाव
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण इनकम टैक्स की बेसिक एग्जेम्प्श लिमिट बढ़ाने का ऐलान कर सकती हैं। खासकर वह इनकम टैक्स की नई रीजीम में एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर सकती हैं। अभी नई रीजीम में बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट 3 लाख रुपये है। ओल्ड टैक्स रीजीम में यह 2.5 लाख रुपये है। बेसिक एग्जेम्प्शन लिमिट बढ़ने से कम इनकम वाले टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी।
सरकार बजट में स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ा सकती है। अभी स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 रुपये हैं। इसे बढ़ाकर कम से कम 1 लाख रुपये किया जा सकता है। स्टैंडर्ड डिडक्शन का फायदा नौकरी करने वाले लोगों को मिलता है। इससे उनकी टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है। इसका फायदा इनकम टैक्स की नई और पुरानी रीजीम में मिलता है। नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ देने का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले साल के बजट में किया था।
80सी के तहत अधिक टैक्स छूट
उम्मीद है कि सरकार सेक्शन 80सी के तहत टैक्स-बेनेफिट बढ़ा सकती है। अभी इस सेक्शन के तहत 1.5 लाख रुपये तक डिडक्शन मिलता है। इसे बढ़ाकर 2.5-3 लाख रुपये किया जा सकता है। हालांकि, इस बारे में एक्सपर्ट्स की राय बंटी हुई है। कुछ का कहना है कि सरकार का फोकस इनकम टैक्स की नई रीजीम पर है। इसलिए वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सेक्शन 80सी के तहत टैक्स बेनेफिट बढ़ाने की जगह इनकम टैक्स की नई रीजीम के टैक्सपेयर्स को राहत देने की कोशिश कर सकती हैं।