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Budget 2024: टैक्स के अलावा भी होती है सरकार की कमाई, नॉन-टैक्स रेवेन्यू का ये है मतलब

Budget 2024: जट में पूरे वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू और खर्च का विवरण होता है। सरकार को जो रेवेन्यू मिलता है, वह टैक्स के जरिए भी आता है और नॉन-टैक्स के तौर पर भी। टैक्स रेवेन्यू टैक्स के जरिए मिलता है। वहीं नॉन-टैक्स रेवेन्यू की बात करें तो यह अन्य स्रोतों से अर्जित आय है। जानिए कि नॉन-टैक्स रेवेन्यू में क्या-क्या आते हैं?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 06, 2024 पर 12:06 PM
Budget 2024: टैक्स के अलावा भी होती है सरकार की कमाई, नॉन-टैक्स रेवेन्यू का ये है मतलब
Budget 2024: डायरेक्ट टैक्स किसी इंडिविजुअल या एंटिटी की इनकम पर लगती है तो इनडायरेक्ट टैक्स गुड्स और सर्विसेज के लेन-देन की लागत पर लगता है। वहीं दूसरी तरफ नॉन-टैक्स रेवेन्यू सरकारी सर्विसेज के पेमेंट से जुड़ा हुआ है।

Budget 2024: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को अगले वित्त वर्ष 2024-25 के लिए बजट पेश करेंगी। यह अंतरिम बजट होगा और लोकसभा चुनाव के बाद नई सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। बजट में पूरे वित्त वर्ष के लिए रेवेन्यू और खर्च का विवरण होता है। सरकार को जो रेवेन्यू मिलता है, वह टैक्स के जरिए भी आता है और नॉन-टैक्स के तौर पर भी। टैक्स से रेवेन्यू का अर्थ तो सीधे समझ आ रहा है कि यह टैक्स के जरिए मिला है और यह राजस्व का एक बड़ा हिस्सा है। वहीं नॉन-टैक्स रेवेन्यू की बात करें तो यह अन्य स्रोतों से अर्जित आय है।

इसके तहत कर्ज पर ब्याज कमाई, पीएसयू में निवेशों पर डिविडेंड, फीस और सर्विसेज से कमाई आते हैं। नॉन-टैक्स रेवेन्यू की बात करें तो इस वित्त वर्ष 2023-24 का अनुमान 3,01,650 करोड़ रुपये है जो वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में 15.2 फीसदी अधिक है। अब यह जानना बाकी है कि नॉन-टैक्स रेवेन्यू में क्या-क्या आते हैं।

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