India Budget 2024: सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड किस वित्तमंत्री के नाम है?

Union Budget 2024-25: वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का फुल बजट होगा। इससे पहले 1 फरवरी को उन्होंने अंतरिम बजट पेश किया था। सीतारमण लंबे बजट भाषण देने के लिए जानी जाती हैं

अपडेटेड Jul 19, 2024 पर 1:18 PM
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Nirmala Sitharaman’s Budget: अब तक सबसे ज्यादा छह बार यूनियन बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई और सीतारमण के नाम है।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को यूनियन बजट पेश करेंगी। इसके साथ ही उनके नाम सात बार यूनियन बजट पेश करने का रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा। अब तक सबसे ज्यादा छह बार यूनियन बजट पेश करने का रिकॉर्ड मोरारजी देसाई और सीतारमण के नाम है। सीतारमण लोकसभा में 11 बजे पेश करेंगी। इस पर सबकी नजरें हैं, क्योंकि यह केंद्र की नई एनडीए सरकार का पहला यूनियन बजट होगा। सीतारमण लंबे बजट भाषण देने के लिए जानी जाती हैं।

सीतारमण के नाम सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड

सबसे लंबा बजट भाषण देने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के नाम पर है। 1 फरवरी, 2020 को उन्होंने दूसरी बार यूनियन बजट (Union Budget) पेश किया था। उनका बजट भाषण दिन में 11 बजे शुरू हुआ था। यह दोपहर 1.40 बजे तक चला था। उन्होंने 2:42 घंटे तक बजट भाषण दिया था। इसके बावजूद उनका बजट भाषण पूरा नहीं हुआ था। तबियत ठीक नहीं होने की वजह से दो पेज पढ़ने को बाकी थे तब उन्होंने अपना भाषण बंद कर दिया था।


सीतारमण ने पहली बार 2019 में बजट पेश किया था

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार 2019 में बजट पेश किया था। यह फाइनेंशियल ईयर 2019-20 का फुल बजट था। उस साल लोकसभा चुनावों से पहले 1 फरवरी को अंतरिम बजट आया था, जिसे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पेश किया था। 2019 का सीतारमण का बजट भाषण 2:17 घंटे का था। उन्होंने 2022 में जो बजट भाषण दिया था, वह 1:30 घंटे का था। इसे उनका सबसे छोटा बजट भाषण कहा जाता है।

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शब्दों के लिहाज से सबसे लंबा बजट भाषण मनमोहन सिंह का था

यह ध्यान देने वाली बात है कि समय के लिहाज से सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम है। लेकिन, शब्दों के लिहाज से सबसे लंबे बजट भाषण का रिकॉर्ड मनमोहन सिंह के नाम है। उन्होंने 1991 में जो बजट भाषण दिया था, वह 18,650 शब्दों का था। तब प्रधानमंत्री नरसिंह राव की सरकार में मनमोहन सिंह वित्तमंत्री थे। उस बजट भाषण में उन्होंने इंडियन इकोनॉमी को उदार बनाने के लिए बड़े ऐलान किए थे। शब्दों के लिहाज से सबसे छोटे बजट का रिकॉर्ड पूर्व वित्तमंत्री एचएम पटेल के नाम है। यह सिर्फ 800 शब्दों का था।

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