वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को दिन में 11 बजे लोकसभा में बजट पेश करेंगी। कई युवाओं को यह पता नहीं होगा कि पहले बजट 5 बजे शाम को पेश होता था। न सिर्फ बजट पेश करने का समय बल्कि इसकी तारीख भी बदली गई। यूनियन बजट से कई दिलचस्प तथ्य जुड़े हैं। आज मनीकंट्रोल आपको बता रहा है कि आखिर यूनियन बजट पेश होने के समय को क्या बदला गया।
आजादी के पहले से शाम में बजट पेश करने की परंपरा जारी थी
आजादी के पहले से हर साल शाम 5 बजे यूनियन बजट (Union Budget) पेश होता था। देश के आजाद होने के बाद भी कई साल तक यह परंपरा जारी रही। हर साल फरवरी की आखिरी तारीख को शाम 5 बजे बजट (Budget) पेश होता था। शाम 5 बजे का समय इंग्लैंड के समय के हिसाब से तय किया गया था। दरअसल, इंग्लैंड और भारत के समय में 5.5 घंटे का अंतर है। इंडिया में जब शाम होती है तो ब्रिटेन में दिन के कामकाज की शुरुआत होती है। ब्रिटिश सरकार ने अपनी सुविधा को ध्यान में रख इंडिया में बजट के लिए शाम 5 बजे का समय तय किया था।
एनडीए सरकार ने 1999 में परंपरा खत्म की
शाम 5 बजे बजट पेश करने की परंपरा 1999 में एनडीए सरकार ने खत्म कर दी। तब प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे और यशवंत सिन्हा वित्तमंत्री थे। सिन्हा 1998 से 2002 के दौरान भारत के वित्त मंत्री रहे। उन्होंने यह सलाह दी कि अगर यूनियन बजट शाम 5 बजे की जगह दिन में 11 बजे पेश किया जाता है तो उसके विश्लेषण के लिए ज्यादा समय उपबल्ध होगा। इससे संसद में बजट में होने वाली चर्चा का स्तर भी बेहतर होगा, क्योंकि सासंदों को बजट के बारे में ज्यादा जानकारी होगी।
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यशवंत सिन्हा ने पहली बार दिन में 11 बजे बजट पेश किया
यशवंत सिन्हा ने इंडिया में पहली बार 27 फरवरी, 1999 को दिन में 11 बजे बजट पेश किया। तब से हर साल दिन में 11 बजे बजट पेश होता है। इस तरह करीब 25 साल से दिन में 11 बजे बजट पेश करने का सिलसिला जारी है। हालांकि, बजट पेश करने की तारीख काफी बाद में बदली गई। 2017 से पहले हर साल फरवरी की आखिरी तारीख को दिन में 11 बजे बजट पेश होता था। 2017 में अरुण जेटली वित्त मंत्री थे। उन्होंने एलान किया कि 2017 से बजट फरवरी की अंतिम तारीख की जगह पहली तारीख को पेश होगा।